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दनकौर नगर पंचायत  - गुरु श्री द्रोणाचार्य की कर्मभूमि

दनकौर नगर पंचायत - गुरु श्री द्रोणाचार्य की कर्मभूमि

Dhanouri Kalan(Gautam Buddha Nagar-Gautam Buddha Nagar-203201)
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सर्वकालीन महानतम सर्वश्रेष्ठ गुरुओं में से एक गुरु श्री द्रोणाचार्य जी की कर्मभूमि के रूप में विख्यात दनकौर उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले का हिस्सा है। पूर्व काल में इसे “द्रोणकौल” के नाम से जाना जाता था। इस क्षेत्र के विषय में किवदंती है कि दनकौर स्थित प्रसिद्ध प्राचीन तालाब की खुदाई के समय यहां से महान शिष्य एकलव्य के द्वारा बनाई गई गुरु श्री द्रोणाचार्य की प्रतिमा निकली थि, जो आज भी यहां मंदिर में विद्यमान है। 
  
दनकौर ग्रेटर नोएडा से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है और भरत की प्रथम फार्मूला वन रेसिंग ट्रैक के वीआईपी प्रवेश द्वार के सामने स्थित है। वहीं ग्रेटर नोएडा से आगरा शहर की ओर जाने वाला यमुना एक्स्प्रेस-वे भी दनकौर के समीप से होकर गुजरता है। दनकौर नगर पंचायत को एक धार्मिक नगरी की मान्यता भी प्राप्त है, यहां प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के पर्व पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।  
  
_सर्वकालीन महानतम सर्वश्रेष्ठ गुरुओं में से एक गुरु श्री द्रोणाचार्य जी की कर्मभूमि के रूप में विख्य
                (श्री रानी सती मंदिर, दनकौर)
   
दनकौर नगर पंचायत का गठन अंग्रेजी सल्तनत में वर्ष 1928 में हुआ था। तब से लेकर अभी तक दनकौर को नगर पंचायत का दर्जा ही प्राप्त है। कस्बे के सबसे पहले निर्वाचित चेयरमैन बाबूराम थे। पहले निर्वाचित चेयरमैन से निवर्तमान चेयरमैन तक वैश्य वर्ग के लोगों का ही वर्षों तक अध्यक्ष पद की कुर्सी पर सबसे ज्यादा कब्जा रहा। 
 

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