Gurugram, Ward - 25 (Haryana)
Bantel India(Gurgaon-Gurgaon-122221)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
साइबर सिटी के रूप में लोकप्रिय
गुडगाँव पूरी दुनिया में औद्योगिक, सूचना
प्रौद्योगिकी व कंपनियों के केंद्र के रूप में जाना जाता है. काफी संख्या में
विदेशी कंपनियों और बड़ी-बड़ी देशी कंपनियों के कार्यालय भी यहां पर स्थित हैं. प्राचीन
समय में गुडगाँव को राजकुमारों की शिक्षा का स्थल माना जाता था, इसी कारण काफी वर्षों से इसके नाम को बदलने की
तैयारी चल रही थी और हरियाणा सरकार द्वारा इसका नाम अब परिवर्तित कर गुरुग्राम रखा
गया है. जिसका अर्थ है “गुरु का ग्राम”.
तो चलिए बात करते हैं गुरुग्राम के वार्ड-25 की यहां के स्थानीय पार्षद के अनुसार इस वार्ड में स्थानीय निवासियों की संख्या मात्र 5,500 है, परन्तु यहां ज्यादातर बाहर से आकर लोग बसे हुए हैं. इस हिसाब से यहां की आबादी लगभग 40,000-50,000 कही जा सकती है. पार्षद सुभाष सिंह के अनुसार यहां अधिकतर लोग बाहर से आकर रह रहें हैं. जिनमें कुछ बड़ी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं तो कुछ किराए के माध्यम से ही अपना जीवनयापन कर रहे है.

उनका मानना है कि पिछले कुछ समय से यहां के मूल निवासियों में शिक्षा के प्रति
उदासीनता आई है, जिसका प्रमुख कारण बड़े-बड़े
घर बना कर उन्हें किराए पर देना है. लोगों का मानना है कि किराया आने से ही उनका
जीवनयापन अच्छे स्तर पर हो रहा है. इसीलिए शिक्षा कर नौकरी करने का कोई फायदा
उन्हें नज़र नही आता. मिश्रित आबादी
वाले इस क्षेत्र में बादशाहपुर, रामगढ़, नूरपुर, दरबारीपुर जैसे
इलाके शामिल हैं.
बात की जाए यदि वार्ड की शिक्षा व्यवस्था की तो वार्ड में सरकारी व प्राइवेट स्कूलों की कमी नही हैं. यहां 15-20 प्राइवेट स्कूल हैं और सरकारी स्कूल भी काफी संख्या में यहां मौजूद हैं. परन्तु सरकारी स्कूल की व्यवस्था पर सरकार द्वारा ध्यान नही दिया जाता. स्कूलों में संसाधनों की काफी कमी है. देखा जाए तो पहले के मुताबिक सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर काफी गिर चुका है. जिसका कारण सरकार की लापरवाही है. लोकप्रिय स्कूलों में नूरपुर गवर्मेंट प्राइमरी स्कूल, रामा किडज़ स्कूल इत्यादि जैसे स्कूल वार्ड में मौजूद हैं.

यदि स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाए, तो वार्ड में सरकारी अस्पताल उपलब्ध नही हैं, परन्तु काफी संख्या में प्राइवेट क्लिनिक व प्राइवेट हॉस्पिटल वार्ड में मौजूद हैं. जिनमें वाटिका हॉस्पिटल, गुरुग्राम हॉस्पिटल व स्वास्तिक हॉस्पिटल जैसे हॉस्पिटल शामिल हैं. यदि किसी मरीज को सरकारी अस्पताल जाना होता है, तो उन्हें वार्ड से कुछ किलोमीटर स्थित सरकारी अस्पताल में जाते हैं.

यदि जनसुविधा पर गौर किया जाए तो वार्ड में पार्क, बैंक, एटीएम के साथ-साथ कुछ मार्केट प्लेस भी मौजूद हैं. इसके साथ वार्ड में काफी प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण का मंदिर भी हैं.

क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं में सुभाष सिंह का मानना है कि क्षेत्र में पहले कभी सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदा जाता था, तो कभी पानी की लाइन डालने के लिए सड़कें तोड़ी जाती थी, इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में पहले सीवर व पानी की लाइन का कार्य कराया. जिससे सरकार का भी नुकसान न हो और लोगों को भी आवागमन में दिक्कत न हो.
Contributors
People moving this research forward. Reputation accrues to whoever moves each milestone.
Updates & discussions
Working on this issue?
Join as a member or expert, add a milestone, and be credited for the work. No money changes hands — the currency is your effort and analysis.
Join this research →