Gurugram, Ward - 29 (Haryana)
Bantel India(Gurgaon-Gurgaon-122221)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
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चौड़ी सड़के, लम्बी-लम्बी बिल्डिंग्स, मल्टीनेशनल कंपनियां, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शानदार ऑफिस, शॉपिंग मॉल्स व फ्लाईओवर जैसे बदलते गुड़गांव की तस्वीर को आज देखकर कौन सोच सकता है? कि इस शहर में कभी कृषि हुआ करती थी. यहां पड़ी खाली जमीनों को लोगों ने कृषि कर अपने जीवनयापन का साधन बनाया हुआ था. परन्तु वर्ष 2000 से तेजी से विकसित होते गुडगाँव ने अपने चेहरे के साथ-साथ अपने नाम को भी पूरी तरह बदल कर रख दिया. विकसित गुरुग्राम का सेक्टर 48 जो हुड्डा के अंतर्गत शामिल नही है, अपितु प्राइवेट हिस्से में आता है, उसे भी बिल्डर्स ने खरीदकर ऊँची-ऊँची इमारत व सोसाइटी बना दी. ठीक इसी प्रकार गुरुग्राम में कमर्शियल बिल्डिंग बनी, शॉपिंग माल्स बने और साथ ही बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी व्यापक स्तर पर यहां स्थापित हुई.

तो बात करते हैं गुरुग्राम के वार्ड-29 की तो यहां के स्थानीय पार्षद कुलदीप यादव के अनुसार इस वार्ड में स्थानीय निवासियों की संख्या 50-60,000 है. मिश्रित आबादी वाले इस वार्ड में कुछ संख्या यहां के मूल निवासियों की है, तो कुछ बाहर से आकर बसे हुए हैं. पार्षद कुलदीप यादव के अनुसार कुछ लोग यहां बड़ी कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं तो कुछ किराए के माध्यम से ही अपना गुजरबसर कर रहे है.

उनके अनुसार वार्ड 29 के अंतर्गत आने
वाले इलाकों में 5 सेक्टर और दो गांव आते हैं. जिनमें टिकरी गांव और समसपुर गाँव शामिल
है. वर्तमान समय में यह गांव भी शहरी एरिया में आ गये हैं, इनमें भी सेक्टर और कॉलोनी बन चुकी है. सेक्टर 46, सेक्टर 47, 48, 51 और 67
इत्यादि सेक्टर इस वार्ड में शामिल हैं. मिश्रित आबादी वाले इस क्षेत्र में मिश्रित आबादी का ही रहवास है. यहां पॉश
इलाका भी है और लेबर वर्ग के लोगों का भी निवास स्थान इस वार्ड में है.
यदि बात की जाए वार्ड की शिक्षा व्यवस्था की तो वार्ड में प्राइवेट स्कूलों की कमी नही हैं. परन्तु सरकारी स्कूल केवल एक ही है, जो गांव में स्थित है, वहां लेबर क्लास के बच्चे व गांव के बच्चे पढ़ने आते हैं. इसके अतिरिक्त वार्ड में काफी प्रसिद्ध प्राइवेट स्कूल हैं, जिनमें जी.डी गोएंका पब्लिक स्कूल, एमिटी पब्लिक स्कूल और मानव रचना पब्लिक स्कूल इत्यादि शामिल हैं.

स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाए, तो वार्ड में सरकारी अस्पताल उपलब्ध नही हैं, गांव में कुछ प्राइवेट क्लीनिक हैं, इसके अतिरिक्त लोग वार्ड से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर सिविल हॉस्पिटल है जहां बेहतर चिकित्सा सुविधा लोगों को उपलब्ध कराई जाती है वहां भी ईलाज के लिए जाते हैं. परन्तु काफी संख्या में प्राइवेट हॉस्पिटल वार्ड में मौजूद हैं. जिनमें पोलेरिस हॉस्पिटल, पार्क हॉस्पिटल जैसे हॉस्पिटल शामिल हैं.

यदि जनसुविधा पर गौर किया जाए तो वार्ड में पार्क, बैंक, एटीएम के साथ-साथ कुछ मार्केट प्लेस भी मौजूद हैं. इसके साथ वार्ड में काफी प्रसिद्ध हनुमान मंदिर भी स्थित हैं.

इसके साथ ही इस वार्ड को भारतीय
फिल्म के जाने-माने अभिनेता राजकुमार राव का मूल निवास स्थान के रूप में भी जाना
जाता है. उनका गांव इसी वार्ड के पास स्थित है. उन्होंने वर्ष 2010 से अपनी फिल्म
करियर की शुरुआत की थी. राजकुमार राव को अभी तक विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित
किया जा चुका है.
वार्ड के प्रमुख मुद्दों पर पार्षद कुलदीप यादव का कहना है कि उनके वार्ड का कुछ एरिया बिल्डर्स का आता है, जिस कारण वहां नगर निगम विकास कार्य नही करा सकती. वहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित है. सबसे ज्यादा समस्या वहां पानी और सीवर की है. इस समस्याओं को देखते हुए पार्षद कुलदीप यादव ने अधिकारियों को अवगत भी कराया, जिसमें उन्होंने उन कॉलोनियों को नगर निगम के अंतर्गत लाने की इच्छा जताई. परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नही की गयी है.

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