Gurugram, Ward-32 (Haryana)
Bantel India(Gurgaon-Gurgaon-122221)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
गुरुग्राम सम्पूर्ण विश्व
में मशहूर कंपनियों व सूचना प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में विख्यात है. यहां काफी
संख्या में विदेशी कंपनियों और बड़ी-बड़ी देशी कंपनियों के कार्यालय भी स्थित हैं.
परन्तु प्राचीन समय में गुडगाँव को राजकुमारों की शिक्षा का स्थल माना जाता था,
इसी कारण काफी वर्षों से इसके नाम को बदलने की
तैयारी चल रही थी और हरियाणा सरकार द्वारा इसका नाम अब परिवर्तित कर गुरुग्राम रखा
गया है.
हिंदु आबादी की बहुलता
वाले गुरुग्राम को प्राचीन काल में अहीर साम्राज्य का हिस्सा माना जाता था. साथ ही
इसे शिक्षकों के स्थल की भी संज्ञा दी गयी है. क्योंकि यह गांव कौरवों और पांडवों
के शिक्षक गुरु द्रौणाचार्य का भी निवास स्थान था. अकबर के शासनकाल के दौरान गुडगाँव,
दिल्ली और आगरा के क्षेत्रों में आता था.
वर्ष 1861 में जिले का पुनर्गठन
पांच तहसीलों में किया गया, जिसमें गुडगाँव,
फिरोजपुर झिरका, नूह, पलवल और रेवारी
शामिल रहे और गुडगाँव शहर तहसील के नियंत्रण में आ गया तथा गुडगाँव आजाद भारत का
भाग बन गया. हरियाणा राज्य के निर्माण के चलते यह इसी राज्य में शामिल हो
गया.
तो चलिए रुख करते हैं गुरुग्राम के वार्ड 32 का...पार्षद प्रतिनिधि अनिल यादव के अनुसार 33,000 के मतदाताओं वाले वार्ड-32 में स्थानीय पार्षद के रूप में आरती यादव कार्य कर रही हैं और उनके पति अनिल यादव बतौर पार्षद प्रतिनिधि विकास कार्यों में उनका सहयोग कर रहे हैं. मिश्रित आबादी वाले इस क्षेत्र में रूरल एरिया बहुत कम है. इस क्षेत्र में बाहर से आकर किराए पर रहने वाले लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है.

वार्ड में आने वाले इलाकों
में सनसिटी, सुशांत लोक, डी.एल.एफ फेज 5, सेक्टर 45, सेक्टर 41 व कन्हैई गाँव इत्यादि शामिल हैं. यदि वार्ड की
आबादी की बात की जाए तो वार्ड में पढ़ी-लिखी आबादी का रहवास है और यहां अधिकतर लोग कॉल
सेंटर में नौकरी करने वाले यानि नौकरीपेशा हैं.
यदि बात की जाए वार्ड की शिक्षा व्यवस्था की तो चार-पांच सरकारी स्कूल हैं, परन्तु उनकी स्थिति आज भी वही है जो काफी वर्ष पहले थी, जिसमें कोई बदलाव नही आया है, वार्ड में सीनियर सेकंडरी स्कूल व प्राइमरी के साथ-साथ अच्छे-अच्छे प्राइवेट स्कूल बेहतर शिक्षा के माध्यम के रूप में मौजूद हैं.
यदि स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाए, तो वार्ड में सरकारी अस्पताल नही हैं. परन्तु अनिल यादव का कहना है कि सरकार को हॉस्पिटल की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए. जिससे सभी वर्ग के लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके. इसके अतिरिक्त वार्ड में प्राइवेट अस्पताल व प्राइवेट क्लिनिक मौजूद है. साथ ही पार्षद प्रतिनिधि अनिल यादव के प्रयासों से एन.जी.ओ के जरिए चिकित्सा सुविधा जरुरतमंदों को दी जाती है.

वार्ड में यदि मौलिक सुविधाओं की बात की जाए तो बैंक, एटीएम के साथ-साथ बहुत सारे मंदिर भी वार्ड में मौजूद है, जिनमें दुर्गा माता मंदिर, सिद्धि गणेश मंदिर इत्यादि शामिल हैं.

यदि वार्ड में परिवहन व्यवस्था की बात की जाए तो सरकार द्वारा वर्तमान में क्षेत्र में सरकारी बसों की सुविधा करा दी गयी है. जिससे लोगों के आवागमन के लिए सुविधा हो गयी. साथ ही हुड्डा सिटी सेंटर वार्ड के बेहद पास है.

अनिल यादव के अनुसार वार्ड की प्रमुख समस्या सीवर की है. उनका मानना है कि यह समस्या केवल उनके वार्ड की ही नही अपितु पूरे गुरुग्राम को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है. जिसका कारण बिना विचार किए जल्दबाजी में अधिकारियों द्वारा काम का निपटारा करना रहा है.
Contributors
People moving this research forward. Reputation accrues to whoever moves each milestone.
Updates & discussions



Working on this issue?
Join as a member or expert, add a milestone, and be credited for the work. No money changes hands — the currency is your effort and analysis.
Join this research →