Janaura ward – 9 (Ayodhya)
Ayodhya(Faizabad-Faizabad-224123)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
कौशल देश अथवा कौशलपुरी के
नाम से प्रचलित अयोध्या को प्रभु श्री राम की पावन जन्मस्थली के रूप में
देखा जाता है और यह हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है. मोक्षदायिनी अयोध्या नगरी पौराणिक समय में कौशल राज्य की
राजधानी एवं प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण की पृष्ठभूमि का केंद्र थी और आज भी प्रभु
श्री राम की जन्मस्थली होने के कारण अयोध्या को हिन्दुओं की प्रमुख तीर्थस्थली एवं
सप्तपुरियों में से एक माना जाता है.
तो चलिए बात करते हैं इसी अयोध्या नगरी के एक वार्ड, जनौरा की...यहां
पहले नगर पालिका के अंतर्गत सभी वार्ड बंटे हुए थे, परन्तु योगी सरकार के प्रदेश में आने के बाद फैजाबाद और
अयोध्या नगर पालिका को जोड़कर अयोध्या नगर निगम का निर्माण किया गया, जिसमें तकरीबन
तीन लाख की आबादी वाले 50 वार्ड को 60 नए वार्ड में विभाजित का दिया गया.
यदि इस वार्ड के इतिहास की बात करें तो चौदह कोस की
परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले जनौरा वार्ड को पहले जनकौरा के नाम से जाना जाता था.
जिसका वास्तविक अर्थ है ‘जनकपुर’. भगवान श्री राम के युग में जब महाराज जनक अपनी
पुत्री से मिलने अयोध्या आते थे, तो वह इसी स्थान
पर ठहरते थे, क्योंकि हिंदु धार्मिक मान्यता के अनुसार बेटी के विवाह के पश्चात
उनके माता-पिता बेटी की ससुराल में नही रुकते. यही कारण था, कि महाराज दशरथ जी ने उनके ठहरने व खाने-पीने के लिए
जनकौरा ग्राम में व्यवस्था कराई थी. इसी जनकौरा को वर्तमान में संशोधित कर जनौरा
नाम से जाना जाता है.
लगभग 8500-9000 की आबादी वाले जनौरा वार्ड में स्थानीय पार्षद के रूप में अनीता कार्य कर रही हैं और उनके पति राकेश कुमार सिंह बतौर पार्षद प्रतिनिधि स्थानीय विकास कार्यों में उन्हें सहयोग देते हैं. मिश्रित जनाबादी वाले इस इलाके में जनौरा, बौलिया, कोरीटोला, नेवातीपुरा आंशिक और लवकुश नगर आंशिक इत्यादि इलाकें शामिल हैं. इस वार्ड में शिक्षा का स्तर काफी बेहतर है. वार्ड की अधिकतर आबादी शिक्षित है. यहाँ प्राइवेट स्कूल के साथ-साथ सरकारी स्कूल, कॉलेज भी हैं.

इसके साथ ही वार्ड में काफी सारे लोकप्रिय मार्केट प्लेस हैं और यहाँ मंदिरों की अधिक संख्या होने से वार्ड में धार्मिक दृष्टिकोण के महत्व का भी पता चलता है. यहाँ के जाने माने मंदिरों में भगवान शिव का मंत्रेश्वर महादेव मंदिर है. जिसमें शिव जी की विराट शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जाती है.

वेदों के अनुसार यह एकमुखी शिवलिंग भगवान राम द्वारा स्थापित की गयी है और इस सम्पूर्ण धरातल पर श्री मंत्रेश्वर महादेव के समान अन्य कोई तीर्थ नही है. इसके अतिरिक्त यहां दुर्गा मंदिर, शिव मंदिर इत्यादि भी मौजूद हैं. मंदिरों के अलावा जनौरा वार्ड का गिरिजा कुंड भी बेहद प्राचीन है.

स्वास्थ्य सुविधा के रूप में यहां प्राइवेट क्लीनिकों के साथ ही जिला चिकित्सालय भी वार्ड में मौजूद है, जो आमजन के लिए चिकित्सा सुविधा का अच्छा जरिया है. यहां लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा व दवाइयां उपलब्ध करायी जाती हैं.

बात यदि वार्ड की प्रमुख समस्याओं के बारे में की जाए तो राकेश
कुमार के अनुसार क्षेत्र में लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है. साथ ही क्षेत्र
में सीवर लाइन होने के बावजूद भी सड़कों पर पानी जमा होता है,
जिस कारण आमजन को
बारिश के समय जलभराव जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है.
References:
http://nagarnigamayodhya.in/pages/hi/topmenu-hi/hi-about-us/hi-ward-mohallas
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