Mahatma Gandhi Ward – 27 (Ayodhya)
Ayodhya(Faizabad-Faizabad-224123)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
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सत्य व अहिंसा के पुजारी मोहनदास करमचंद गांधी जिन्हें बापू के नाम से सभी लोग जानते हैं. उन्होंने भारतीय स्वाधीनता के लिए अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी. उनका जन्म 2 अक्टूबर को पोरबन्दर में हुआ था. गांधी जी ने अपने पूरे जीवन काल में अहिंसा के धर्म का पालन किया. इसके साथ ही उन्हें अहिंसक आन्दोलन, दांडी मार्च यात्रा, सत्याग्रह आंदोलनों के कारण भी जाना जाता है. उन्होंने देश के नागरिकों को ब्रिटिशों के खिलाफ़ लड़ाई करने व उनकी जड़ों को कमज़ोर करने के लिए भी प्रेरित किया. इन्हीं सत्य के मार्गदर्शक व अहिंसा के पुजारी के नाम पर अयोध्या के वार्ड 27 को महात्मा गांधी वार्ड का नाम दिया गया है.

सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी सामंजस्य की मिसाल कायम करता यह वार्ड आज भी गंगा-जमुनी तहजीब का प्रदर्शन करता है, जहां दिवाली की जगमगाहट और ईद की रौनक दोनों की झलक दिखाई देती है. महात्मा गांधी वार्ड, जो वर्ष 2017 से पहले फैजाबाद जिले के अंतर्गत आता था, लेकिन योगी सरकार के प्रदेश में आने के बाद फैजाबाद और अयोध्या नगर पालिका को जोड़कर अयोध्या नगर निगम का निर्माण किया गया, जिसमें तकरीबन तीन लाख की आबादी वाले 50 वार्ड को 60 नए वार्ड में विभाजित का दिया गया. इस तरह कभी फैजाबाद नगर परिषद् के 29 वार्ड में से एक महात्मा गांधी वार्ड भी अयोध्या नगर निगम का हिस्सा बन गया.

जुड़वाँ शहर अयोध्या और
फैजाबाद की नगर पालिका बोर्ड को समाप्त कर प्रदेश सरकार ने अयोध्या नगर निगम की
स्थापना करते हुए यहाँ बनाए गए नए वार्ड का नामकरण क्रांतिकारियों, ऐतिहासिक व्यक्तियों एवं धार्मिक-सांस्कृतिक
स्थानों के नाम पर किया है. इसी तर्ज पर भारतीय स्वाधीनता के संघर्ष में अग्रणी
रहे युगपुरुष महात्मा गांधी के नाम पर अयोध्या के वार्ड 27 का नामकरण किया गया. इस
वार्ड में स्थानीय विकास की जिम्मेदारी का वहन दिनेश कुमार मौर्या कर रहे हैं,
जो पेशे से अधिवक्ता भी हैं और वर्ष 2017 से इस वार्ड में पार्षद रहते हुए क्षेत्रीय
विकास का दायित्त्व निभा रहे हैं.
मिली जुली जनसंख्या वाला
यह इलाका काफी पिछड़ा हुआ है. वार्ड में आने वाले प्रमुख मोहल्लों में देवकाली आंशिक, बछड़ा सुल्तानपुर आंशिक, लक्ष्मणपुरी कॉलोनी
आंशिक, अमानीगंज आंशिक है. यदि वार्ड की शिक्षा
व्यवस्था की बात की जाए तो क्षेत्र में एक प्राइमरी स्कूल है, परन्तु उसकी स्थिति
बेहद दयनीय है. इसके अतिरिक्त 2 इंटर कॉलेज हैं और 1 कन्या इंटर कॉलेज. इसके अलावा
4-5 प्राइवेट कॉलेज भी वार्ड में हैं. तो शिक्षा सुविधा के लिहाज से यह वार्ड बेहतर
कहा जा सकता है.
स्वास्थ्य सुविधाओं की
बात की जाए तो वार्ड में 1-2 प्राइवेट क्लिनिक है, किन्तु कोई सरकारी अस्पताल
महात्मा गांधी वार्ड में नही है. वार्ड से 3 किलोमीटर की दूरी पर जिला चिकित्सालय
है, जो जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराता है.
बात यदि वार्ड की प्रमुख
समस्याओं के बारे में की जाए तो स्थानीय पार्षद दिनेश मौर्या के मुताबिक, दिनेश जी के अनुसार उनके वार्ड में पहले बहुत
सारी समस्याएं थी, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को बहुत दिक्कतें
उठानी पड़ती थी. उनका इलाका काफी पिछड़ा हुआ है, जिसके चलते वार्ड में
सड़कों, स्वच्छता और गलियों की व्यवस्था नही थी, जो वार्ड के विकास मार्ग में एक बड़ी बाधा है. परन्तु वर्तमान समय में इन
समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए उन्होंने विभिन्न विकास कार्य कराए हैं.
References:
1. http://nagarnigamayodhya.in/pages/hi/topmenu-hi/hi-about-us/hi-ward-mohallas
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