Minhazpur Ward-69 (Prayagraj)
K N Marg(Allahabad-Allahabad-211001)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
प्रयागराज को आरंभ से ही प्रयाग
के नाम से जाना जाता था, जिसमें प्र
अथार्त विशाल और याग यानि यज्ञ जिसका पूर्ण अर्थ प्रयाग है. हिंदुग्रंथानुसार
सम्पूर्ण पृथ्वी पर भगवान ब्रह्मा जी ने प्रयागराज को ही यज्ञ के लिए चुना था. यह
स्थल तीर्थों में सबसे बड़ा तीर्थ है परन्तु मुस्लिम शासक अकबर ने इसका नाम बदलकर इलाहाबाद
रख दिया और इसी प्रकार इसे अल्लाह के शहर के नाम से संबोधित किया जाने लगा. इस समय
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इसे पुनः इसके प्राचीन नाम प्रयागराज के नाम में
परिवर्तित कर दिया गया है.
तो आज चलते है, पवित्र स्थली प्रयागराज के मिन्हाज़पुर वार्ड में, जो वर्तमान में प्रयागराज
नगर निगम का हिस्सा है. स्थानीय पार्षद के अनुसार वार्ड में लगभग 18,000 की आबादी है
और यहां मतदाताओं की संख्या 8-9000 है. इस क्षेत्र में मिश्रित आबादी का रहवास है.
मिन्हाज़पुर वार्ड में स्थानीय पार्षद के तौर पर कांग्रेस पार्टी से तस्लीम उद्दीन कार्य कर रहे हैं और स्थानीय विकास कार्यों में अपनी भूमिका का वहन कर रहे हैं. यह क्षेत्र शिक्षा व स्वास्थ्य के हिसाब से काफी बेहतर है. वार्ड में स्थानीय निवासियों को सभी मौलिक सुविधाएं प्राप्त है.

वार्ड में यदि शिक्षा सुविधा की बात की जाए तो यहां इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज व माध्यमिक विद्यालय के साथ-साथ आंगनवाड़ी की भी सुविधा है, तो यह कहा जा सकता है कि अन्य वार्डों की अपेक्षा यह वार्ड शिक्षा के क्षेत्र में काफी बेहतर है.

वार्ड में स्वास्थ्य सुविधा के लिए छोटे-छोटे क्लिनिक से लेकर बड़े-बड़े हॉस्पिटल भी उपलब्ध हैं, जिनमें कॉल्विन हॉस्पिटल, आई हॉस्पिटल व डफ़रिन जैसे अस्पताल शामिल हैं. इसके अतिरिक्त चिकित्सकीय सुविधा के लिए क्षेत्र में प्राइवेट क्लिनिक भी मौजूद है.

मिन्हाज़पुर वार्ड की प्रमुख विशेषता की बात की जाए तो यहां इलाहाबाद जंक्शन के ठीक सामने काफी लोकप्रिय खुशरू बाग है, जो लगभग 400 वर्ष पुराना है. इस बाग़ में सुबह-शाम टहलने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है.

यदि धार्मिक दृष्टिकोण से
देखा जाए तो वार्ड में चर्च, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा भी मौजूद है, जो वार्ड में सम्प्रदायिक सौहार्द को दर्शाता है. क्षेत्र
के निवासी आपस में मिलकर सभी त्योहारों को धूमधाम से मनाते है, यह इस वार्ड की
सबसे बड़ी विशेषता है.
स्थानीय पार्षद के अनुसार
वह वार्ड की सभी समस्याओं को गंभीरता से देखते हुए कार्य कराते रहते हैं और यही
वजह है की वार्ड में कोई विकास कार्य लंबित नही रहता. क्षेत्र का विकास करने की
दिशा में तस्लीम उद्दीन ने प्रमुख रूप से सड़कों, नालियों, बिजली एवं पेयजल जैसे मूलभूत सुविधाएं स्थानीय लोगों को प्रदान की हैं.
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