Newada, Ward 13 (Varanasi)
Sanwara(Ballia-Rasra-221721)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
भेलूपुर जोन की खोजवा सबजोन के अंतर्गत आने वाला नेवाडा वार्ड वाराणसी के उन
वार्डों में से एक है, जो जनसंख्या घनत्व के मामले में शीर्ष पर आते हैं. मिली
जुली आबादी वाले इस वार्ड में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार लगभग 24,000 की आबादी
का निवासस्थान है. इस वार्ड में आने वाले प्रमुख मोहल्लों में प्रज्ञा नगर, मधुबन,
हनुमान कॉलोनी, केदार नगर, शिवधाम, कलावती नगर, गणेश धाम, कैलाशपुरी, केयर कॉलोनी,
नेवाडा गांव इत्यादि सम्मिलित हैं. साथ ही यहां मुसहर बस्ती नेवाडा, कारुन्दी
हरिजन बस्ती सम्मिलित हैं.
यहां पार्षद के तौर पर भारतीय जनता पार्टी से विनीत कुमार सिंह जी कार्यरत
हैं, जो वर्ष 2017 से जन प्रतिनिधि के रूप में स्थानीय विकास कार्यों में संलग्न
हैं. इस वार्ड में जीविका के साधन मिले जुले हैं, यानि यहां व्यापारी वर्ग, छोटे
लघु-कुटीर उद्योगों से जुड़ी जनता, छोटे व्यापार में संलग्न लोगों के साथ साथ
नौकरीपेशा जनता का भी निवास स्थान है, जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट दोनों ही सेक्टर
से जुड़े लोग सम्मिलित हैं.
जनता की मौलिक सुविधाओं के तौर पर इस वार्ड में स्कूलों, अस्पतालों, बैंकों,
एटीएम, पार्कों, मंदिरों इत्यादि की भी सुविधा हैं. यहां शिक्षा सुविधा के रूप में सनबीम चितईपुर, कलावती
इंग्लिश स्कूल नेवाडा, कुबेर इंग्लिश स्कूल इत्यादि उपलब्ध है. साथ ही यहां गणेश
धाम, महामना नगर स्थित पार्क भी जनता के मनोरंजन का अच्छा विकल्प हैं.
वार्ड की प्रमुख समस्याओं की बात की जाये तो स्थानीय पार्षद विनीत जी के
अनुसार उनका वार्ड नगर निगम और जिला पंचायत का अंतिम वार्ड है. बॉर्डर पर स्थित
होने का नुकसान वार्ड को उठाना पड़ता है और बहुत बार उपेक्षा का शिकार होना पड़ता
है.
वार्ड की सबसे बड़ी समस्याओं में सीवर व्यवस्था और जल निकासी है. उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद से हालांकि उनके वार्ड में 50 फीसदी तक सीवर का कार्य पूरा हुआ है, किन्तु 74वें संविधान संशोधन के अंतर्गत एक पार्षद की सीमाएं तय कर दी गयी, जिसके चलते उसे अधिकारियों पर आश्रित रहना पड़ता है.
पार्षद जी का मानना है कि यदि यह संविधान संशोधन बदल जाता
तो एक पार्षद अपने वार्ड के विकास के लिए स्वतंत्र हो जाता. साथ ही वार्ड में हाइपरटेंशन तारों का जंजाल होना भी बेहद
बड़ी समस्या है, जिससे हर समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है
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