Rath Haveli Ward – 16 (Ayodhya)
Ayodhya(Faizabad-Faizabad-224123)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
सरयू नदी के दक्षिणी तट पर बसी अयोध्या एक धार्मिक एवं
ऐतिहासिक नगरी है. इस जनपद का नगरीय क्षेत्र अयोध्या नगर
निगम के अंतर्गत समाहित है. प्राचीन समय
में साकेत, कौशल देश अथवा कौशलपुरी के नाम से जानी जाने वाली अयोध्या को प्रभु श्री राम
की पावन जन्मस्थली के रूप में देखा जाता है और यह हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए आस्था
का प्रमुख केंद्र है. मोक्षदायिनी अयोध्या नगरी
पौराणिक समय में कौशल राज्य की राजधानी एवं प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण की
पृष्ठभूमि का केंद्र थी और आज भी प्रभु श्री राम की जन्मस्थली होने के कारण
अयोध्या को हिन्दुओं की प्रमुख तीर्थस्थली एवं सप्तपुरियों में से एक माना जाता
है.
तो चलिए रुख करते हैं इसी अयोध्या नगरी के एक वार्ड, राठहवेली वार्ड की जो वर्ष 2017 से पहले फैजाबाद जिले के अंतर्गत आता था, लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद फैजाबाद और अयोध्या नगर पालिका को जोड़कर अयोध्या नगर निगम का निर्माण किया गया, जिसमें तकरीबन तीन लाख की आबादी वाले 50 वार्ड को 60 नए वार्ड में विभाजित कर दिया गया. इस तरह कभी फैजाबाद नगर परिषद के 29 वार्ड में से एक राठहवेली वार्ड भी अयोध्या नगर निगम का हिस्सा बन गया.

लगभग 7500-8000 की आबादी वाले राठहवेली वार्ड में पार्षद के
तौर पर रुखसार हैदर ज़ैदी कार्य कर रही हैं और पार्षद प्रतिनिधि के रूप में सैयद
रिज़वान उनका विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं. उनके अनुसार वर्ष 2017 में मतदाता
लिस्ट के हिसाब से मतदाताओं की संख्या 3-4500 थी, जबकि यहां की कुल आबादी 8-10,000 है. मिश्रित जनाबादी वाले इस इलाके में राठहवेली, खवासपुर
आंशिक, इमामबाड़ा आंशिक अलीगढ़ और नौघडा आंशिक शामिल हैं.
मिश्रित आबादी वाले इस इलाके में नौकरीपेशा वर्ग की संख्या
काफी कम है, साथ ही यहां लोगों के आय का साधन लघु उद्योग, छोटे-छोटे व्यापार व दुकानदारी है.
राठ हवेली के इतिहास की बात की जाए तो वार्ड में काफी प्रमुख मोती महल है, जो नवाबों के समय का बना हुआ है. हाल फ़िलहाल उसकी स्थिति जर्जर है, परन्तु यह राठ हवेली वार्ड में सबसे प्राचीन महल है.

वार्ड में यदि स्वास्थ्य सुविधा की बात की जाए तो यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है, जहां से लोगों को मुफ्त इलाज व दवाइयां मुहैया करायी जाती है. साथ ही वार्ड में छोटे-छोटे प्राइवेट क्लिनिक भी है. जो स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य सुविधा के विकल्प के रूप में मौजूद हैं. इसके अतिरिक्त वार्ड में शिक्षा सुविधा के रूप में एम.रेडिएंस जैसे कुछ स्कूल भी हैं.

यदि परिवहन सुविधा की बात की जाए तो वार्ड में बस स्टेशन ज्यादा दूर नही है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा होती है. इसके साथ ही वार्ड में कुछ लोकप्रिय मार्केट प्लेस हैं और यहाँ मस्जिदों की तादाद से वार्ड में सांप्रदायिक सौहार्द होने का भी पता चलता है. यहाँ के जाने माने मस्जिदों में सज्जादिया मस्जिद काफी प्राचीन है.

बात यदि वार्ड की प्रमुख समस्याओं के बारे में की जाए तो अपने
क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों पर सैयद रिजवान का कहना है कि उनके क्षेत्र में लगभग
डेढ़ वर्ष पूर्व पेयजल की काफी समस्या रही है, जिसके लिए
उन्होंने प्रयास भी किया है और उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज क्षेत्र
में पेयजल की समस्या से लोगों को निज़ात मिली है.
References:
1. http://nagarnigamayodhya.in/pages/hi/topmenu-hi/hi-about-us/hi-ward-mohallas
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