Rikabganj ward – 37 (Ayodhya)
Bankegaon(Faizabad-Faizabad-224201)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
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गत वर्ष छोटी दीपावली के दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजाबाद का नाम बदल कर अयोध्या कर दिया. हिन्दू पक्षकार काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे, क्योंकि इतिहास के पन्नों में झंकार देंखे तो अयोध्या बेहद प्राचीन नगरी है जिसका वर्णन वेदों-पुराणों में भी मिलता है. अवध के नवाबों के शासनकाल में इस शहर को सर्वप्रथम बसाया तो नवाब अलीवर्दी खान ने था, किन्तु फैजाबाद की स्थापना का श्रेय नवाब सआदत खान को जाता है. सरयू और लखनऊ से सामिप्य के कारण फैजाबाद को गंगा-जमुनी तहजीब विरासत में मिली और 17वीं शताब्दी में नवाब शुजाउद्दौला के शासन में यह शहर बुलंदियों पर रहा. आज भी उस दौर में बनाई गयी ऐतिहासिक इमारतों की भव्यता यहां देखी जा सकती है.

वर्षों से अयोध्या को फैजाबाद जिले के ही एक शहर के तौर पर देखा जाता रहा है, जबकि कुछ लोग इन्हें जुड़वाँ शहर भी कहकर बुलाते हैं. तो चलिए रुख करते हैं इसी अयोध्या नगरी के एक वार्ड, रिकाबगंज वार्ड का...जो वर्ष 2017 से पहले फैजाबाद नगर पालिका के अंतर्गत आता था, लेकिन योगी सरकार के प्रदेश में आने के बाद फैजाबाद और अयोध्या नगर पालिका को जोड़कर अयोध्या नगर निगम का निर्माण किया गया, जिसमें तकरीबन तीन लाख की आबादी वाले 50 वार्ड को 60 नए वार्ड में विभाजित का दिया गया. इस तरह कभी फैजाबाद नगर परिषद् के 29 वार्ड में से एक रिकाबगंज वार्ड भी आज अयोध्या नगर निगम का हिस्सा है.

मिली जुली आबादी वाले रिकाबगंज वार्ड में स्थानीय पार्षद उमेश यादव (समाजवादी पार्टी) के अनुसार वर्ष 2017 में मतदाताओं की संख्या 5700 थी. इस इलाके में रिकाबगंज आंशिक, टक्साल आंशिक, बल्ला हाता, ऋषि टोला आंशिक, महाजनी टोला आंशिक जैसे मोहल्लें शामिल हैं. वार्ड में यदि शिक्षा व्यवस्था की बात की जाये तो यहां नगर निगम के कॉलेज के साथ ही कुछ प्राइमरी और प्राइवेट स्कूल मौजूद हैं. वार्ड में स्वास्थ्य सुविधा भी ठीकठाक है, यहाँ प्राइवेट क्लिनिक्स के अतिरिक्त 2-3 अस्पताल हैं. साथ ही पार्षद अपने स्तर पर स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कराते रहते हैं.

इसके साथ ही पब्लिक यूटिलिटी के तौर पर वार्ड में सब्जी मंडी, मार्केट क्षेत्र, मंदिर, मस्जिद, बैंक, एटीएम इत्यादि सुविधाएं मौजूद हैं. यहाँ कुछ पुराने मंदिर जैसे शिव शनि साई धाम, भैरो मंदिर, दुर्गा मंदिर मंदिर स्थित हैं.
बात यदि वार्ड की प्रमुख समस्याओं के बारे में की जाये तो पार्षद
उमेश यादव के मुताबिक, उनके वार्ड में कोई भी समस्याएं नही हैं.
क्योंकि क्षेत्र में समस्याएं उत्पन्न होती रहती है, साथ ही साथ उनका
निवारण भी होता रहता है. कोई भी समस्या लम्बे समय तक नही टिकती. जिन समस्याओं से
जनता को परेशानी होती है. उनको लिखित रूप में अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाता है.
जिससे जल्द से जल्द समस्याओं का निस्तारण किया जा सके.
References:
1. http://nagarnigamayodhya.in/pages/hi/topmenu-hi/hi-about-us/hi-ward-mohallas
3. https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/faizabad/71502731105-faizabad-news
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