Ward 95, Yashoda Nagar (Kanpur)
C.C.I.(North Delhi--110007)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
वार्ड 95, यशोदा नगर कानपुर जिले के अंतर्गत आने वाला एक मिश्रित आबादी वाला परिक्षेत्र है. जिसमें पार्षद के तौर पर वर्ष 2017 से भारतीय जनता पार्टी से प्रशांत शुक्ला जी कार्यरत हैं और आमजन की समस्याओं को सुलझाने के प्रति प्रयासरत हैं.
तकरीबन 40 हजार की आबादी
वाले इस वार्ड में बहुत से मौहल्ले शामिल हैं. मिश्रित आबादी वाले इस क्षेत्र में
कुछ लोग यहां के मूल निवासी हैं तथा कुछ बाहर से आकर बसे हुए हैं. इस क्षेत्र में नौकरीपेशा,
व्यापारियों के साथ दुकानदारी कर गुजर बसर करने वाली आबादी का भी रहवास है. साथ ही
इस क्षेत्र में जीविकापार्जन के साधनों के तौर पर छोटी-छोटी दुकानों की भी मौजूदगी
है.
यशोदा नगर वार्ड में
सरकारी विद्यालय मौजूद नहीं हैं. इसके अतिरिक्त यहां कुछ प्राइवेट विद्यालय व कोचिंग सेंटर
मौजूद हैं, जिनमें हेवन पब्लिक विद्यालय, सरस्वती विद्या मंदिर कॉलेज इत्यादि सम्मिलित हैं. जो अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराते हैं. यदि वार्ड में स्वास्थ्य
संबंधी सुविधाओं पर गौर किया जाएं तो यहां एक भी सरकारी अस्पताल मौजूद नहीं है,
जिसके माध्यम से जरुरतमंदों को सामान्य चिकित्सा एवं मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जा
सके. जिस कारण जनता को कुछ किलोमीटर की दूरी
तय करके वार्ड के नजदीकी सरकारी अस्पतालों में जाना पड़ता है. इसके अतिरिक्त यहां
पर कुछ प्राइवेट नर्सिंग होम मौजूद हैं, जिनमें कबीर हॉस्पिटल, मैरीगोल्ड हॉस्पिटल सम्मिलित है, जो आरंभिक चिकित्सा के लिहाज से सुविधाजनक हैं.
वार्ड में दैनिक
आवश्यकताओं के लिए चौरसिया बाज़ार, ताज बाज़ार तथा छोटी-छोटी दुकानें मौजूद हैं,
जहां पर सुविधा के अनुसार खरीददारी की जा सकती है, इसके अतिरिक्त स्थानीय सुविधाओं के तौर पर यहां तुलसी पार्क
व राधा-कृष्ण पार्क भी मौजूद हैं. जो स्थानीय जनता के भ्रमण के लिए बेहतर विकल्प
है.
यशोदा नगर वार्ड में जलनिकासी की व्यवस्था उचित न होना यहां की प्रमुख समस्याओं में से एक हैं, साथ ही सड़कों और नालों की अव्यवस्था होने के चलते बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जो विकास कार्यों के मार्ग में एक बड़ी बाधा है. इन सभी समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से विकास कार्य वर्तमान पार्षद द्वारा जारी है.
Contributors
People moving this research forward. Reputation accrues to whoever moves each milestone.
Updates & discussions
Working on this issue?
Join as a member or expert, add a milestone, and be credited for the work. No money changes hands — the currency is your effort and analysis.
Join this research →