Ward 99 – Sujatganj chandari (Kanpur)
Kasigaon(Kanpur Nagar--208021)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
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वार्ड 99, सुजातगंज चंदारी कानपुर जिले के अंतर्गत आने वाला एक मुस्लिम बहुल परिक्षेत्र है. जिसमें पार्षद के तौर पर वर्ष 2017 से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता कौशर अली जी कार्यरत हैं. पार्षद जी के अनुसार वार्ड में तकरीबन 80,000 की आबादी का रहवास है, जिसमें 95 प्रतिशत आबादी मुस्लिम तथा अन्य 5 फीसदी हिंदु हैं.
वार्ड 99 के अंतर्गत मोहल्ला सुजातगंज एवं चंदारी मुख्य रूप से सम्मिलित हैं, वार्ड में बुनकर नगर, न्योरा गांव इत्यादि भी प्रमुख तौर पर आते हैं.
यदि वार्ड के इतिहास की बात की जाये तो वार्ड में अधिकतर बाहरी क्षेत्र के लोग आकर बसे हैं, अतीत में यहां मात्र 10,000 आबादी थी जो 50 वर्षों में बढ़कर 80,000 हो गयी. वार्ड के अंतर्गत आने वाला न्योरा गांव तकरीबन 400-500 साल पुराना है, जो आज भी विकास की राह से कोसों दूर है.
इस
वार्ड की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहां उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा गल्ला गोदाम
(एफसीआई गोदाम) स्थित है, इसके दूसरी ओर मिलिट्री कैंप स्थापित है. वार्ड के कुछ
स्थान बेहद पुराने हैं. यहां जीविका के साधन के तौर पर सिलाई-बुनाई, पॉवरलूम, दरी-गलीचे
निर्माण इत्यादि से जुड़ा व्यापार या छोटे उद्योग धंधे प्रमुख रूप से किये जाते
हैं. बुनकरों के आवास के कारण ही यहां एक समस्त इलाका बुनकर नगर के नाम से जाना
जाता है.
सुजातगंज
चंदारी वार्ड में एक सरकारी विद्यालय है, जहां शिक्षा सुविधाओं का बेहद अभाव है,
जिसके चलते यहां नाममात्र की पढ़ाई होती है. साथ ही यहां 8-10 प्राइवेट स्कूल मौजूद
हैं, जो अच्छी शिक्षा के विकल्प हैं. यदि स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाये, तो
वार्ड में अस्पताल नहीं हैं, जिसके चलते क्षेत्रवासियों को आस पास के अस्पतालों
जैसे हैलट, उर्सला इत्यादि का रुख करना पड़ता है.
स्थानीय
पार्षद के अनुसार वार्ड में पहले पेयजल, जलनिकासी, स्वच्छता इत्यादि मुद्दों से
जुड़ी बहुत सी समस्याएं थी किन्तु लगभग दो वर्षों में स्थानीय पार्षद के प्रयास, बेहतर
व्यवस्था और जन सहयोग के चलते इन समस्याओं पर काफी हद तक कार्य किया जा चुका है और
आगे भी विकास की दिशा में अपेक्षाकृत कदम उठाए जा रहे हैं.
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