नाम- आशु मलिक
पद- विधायक(सपा), सहारनपुर देहात, सहारनपुर
नवप्रर्वतक कोड- 71189507

परिचय
आशु मलिक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वे समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं और 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस सीट से निर्वाचित हुए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सहारनपुर देहात क्षेत्र सामाजिक समीकरणों और किसान मुद्दों के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है। आशु मलिक का राजनीतिक प्रोफ़ाइल एक ऐसे क्षेत्रीय नेता के रूप में उभरा है, जो ग्रामीण विकास, कृषि और स्थानीय बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
आशु मलिक का संबंध सहारनपुर जिले के ग्रामीण परिवेश से है। वे एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसका जुड़ाव कृषि और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों से रहा है। उनकी शैक्षणिक योग्यता के रूप में स्नातक स्तर तक की शिक्षा का उल्लेख किया गया है।
राजनीति में आने से पहले उनका जुड़ाव स्थानीय सामाजिक पहलों और क्षेत्रीय मुद्दों से रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सिंचाई और शिक्षा सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता का उल्लेख स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में मिलता है।

राजनीतिक करियर की शुरुआत
आशु मलिक का राजनीतिक सफर समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ा रहा है। वे संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उभरे और सहारनपुर क्षेत्र में पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाई। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उन्हें सहारनपुर देहात सीट से उम्मीदवार बनाया। चुनावी मुकाबला बहुकोणीय रहा, जिसमें भारतीय जनता पार्टी और अन्य दलों के उम्मीदवार भी मैदान में थे।
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार, आशु मलिक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पराजित कर विधानसभा में प्रवेश किया। उनकी जीत को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की उपस्थिति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, किसान मुद्दे, स्थानीय विकास और सामाजिक समीकरण चुनावी परिणाम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक रहे।

वर्तमान पद एवं ज़िम्मेदारियाँ
आशु मलिक वर्तमान में सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विधायक के रूप में उनकी जिम्मेदारियों में विधानसभा में क्षेत्रीय मुद्दों को उठाना, सरकारी योजनाओं की निगरानी करना और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है।
ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण सहारनपुर देहात में सड़क संपर्क, कृषि सिंचाई, विद्युत आपूर्ति और रोजगार जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। सार्वजनिक मंचों पर आशु मलिक ने किसानों की आय,
फसल मूल्य और स्थानीय विकास को प्राथमिकता देने की बात कही है।
विधानसभा की कार्यवाही में उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं को उठाने का दावा किया है। हालांकि इन प्रयासों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन आधिकारिक अभिलेखों और परियोजना प्रगति रिपोर्टों के आधार पर किया जाना चाहिए।

विकास कार्य, पहलें और सार्वजनिक दावे
आशु मलिक की ओर से यह कहा गया है कि सहारनपुर देहात में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उनके सार्वजनिक वक्तव्यों में ग्रामीण सड़कों के निर्माण, नहरों की सफाई और विद्यालयों की स्थिति सुधारने का उल्लेख मिलता है।
विधायक निधि के माध्यम से सामुदायिक भवन, सड़क मरम्मत और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्य स्वीकृत किए गए। हालांकि विपक्षी दलों की ओर से विकास कार्यों की गति को लेकर आलोचनाएँ भी सामने आई हैं। इन आलोचनाओं के जवाब में समाजवादी पार्टी की ओर से कहा गया कि योजनाएँ चरणबद्ध रूप से लागू की जा रही हैं।
सरकारी योजनाओं—जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और राज्य स्तरीय ग्रामीण विकास कार्यक्रम—के क्रियान्वयन को लेकर भी राजनीतिक बहस होती रही है।

निष्कर्ष – समग्र राजनीतिक आकलन
आशु मलिक का राजनीतिक प्रोफ़ाइल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ग्रामीण राजनीति को दर्शाता है। 2022
में सहारनपुर देहात से उनकी जीत समाजवादी पार्टी के लिए क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी गई।
उनकी प्राथमिकताएँ कृषि, ग्रामीण बुनियादी ढांचा और स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों पर केंद्रित बताई जाती हैं। हालांकि किसी भी जनप्रतिनिधि की तरह उनके कार्यों का अंतिम मूल्यांकन क्षेत्रीय विकास संकेतकों और मतदाताओं की संतुष्टि के आधार पर होगा।
आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे सहारनपुर देहात में दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं को किस प्रकार आगे बढ़ाते हैं और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अपनी स्थिति को कैसे सुदृढ़ रखते हैं।
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