Dharmbir Singh
Chakkarpur(Gurgaon-Dlf Qe-122002)नाम : धर्मबीर सिंहपद : पार्षद (भाजपा), गुरुग्राम, वार्ड-21नवप्रवर्तक कोड : 71184356परिचयएक बेहद साधारण परिवार में जन्में धर्मबीर सिंह ने अपना जीवन बेहद अभाव में व्यतीत किया है. वह ऐसे युवक के रूप में माने जा सकते हैं, जिन्होंने राजनीति में जाने का कभ
BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
Affiliations
Parties and institutions Dharmbir Singh is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Action research
Ward and district projects Dharmbir Singh contributes to.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : धर्मबीर सिंह
पद : पार्षद (भाजपा), गुरुग्राम, वार्ड-21
नवप्रवर्तक कोड : 71184356
परिचय
एक बेहद साधारण परिवार में जन्में धर्मबीर सिंह ने अपना जीवन बेहद अभाव में व्यतीत किया है. वह ऐसे युवक के रूप में माने जा सकते हैं, जिन्होंने राजनीति में जाने का कभी विचार नही किया. उनके पिता मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे और ऐसी परिस्थिति में एक साधारण से परिवार के युवा ने अपनी शिक्षा में कोई बाधा उत्पन्न नही होने दी. धर्मबीर सिंह ने ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त की.

उन्होंने परिवार का भरण पोषण करने हेतु 14-15 वर्ष तक कोर्ट में टाइपिस्ट की नौकरी भी की. इसके साथ ही वह लॉ के भी विद्यार्थी रहें हैं, परन्तु किसी कारणवश उनकी कानून की शिक्षा बीच में ही अधूरी रह गयी.
इसके पश्चात भी उन्होंने बहुत सी जगहों पर नौकरी के लिए प्रयास किया परन्तु कही भी सफल न होने के चलते उन्होंने वर्ष 1995 में सामाजिक कार्यों में भागीदारी देनी आरंभ कर दी. धीरे-धीरे उनकी दिलचस्पी राजनीति में बढ़ती चली गई और यही से उनके लिए राजनीति का द्वार भी खुल गया.

राजनीतिक पर्दापण
वर्ष 1995 में उनका संपर्क हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह से हुआ. जिससे प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने का निर्णय लिया. इससे पूर्व वह विधवा पेंशन, गरीबों की सहयता, सरकार की योजनाओं से लोगों को जोड़ने जैसे कार्य करते रहे हैं. साथ ही गरीब लड़कियों का विवाह कराना ऐसे कार्यों में उनकी आरंभ से बेहद दिलचस्पी रही है.

संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत करते हुए उन्होंने वर्ष 1999 में चुनाव में भागीदारी ली, जिसमें मात्र 168 वोटों से उन्हें असफलता प्राप्त हुई, लेकिन उनके लिए यह हार भी किसी जीत से कम नही थी, क्योंकि इससे उन्होंने जाना की जनता उन्हें अपना समर्थन देती है. इसके पश्चात उन्होंने वार्ड-21, गुरुग्राम से पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ा और जनसमर्थन से विजय प्राप्त की.
प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें
धर्मबीर सिंह के अनुसार उनके क्षेत्र में स्वच्छता का काफी अभाव है. वार्ड में स्थित ऑटो मार्केट के कारण साफ-सफाई की कोई व्यवस्था उचित प्रकार नही हो पाती. ऑटो मार्केट काफी एकड़ में फैली खाली जमीन है, जिस पर लोगों ने धीरे-धीरे कूड़ा फेंकना आरंभ किया और आज इस जगह पर कूड़े का पहाड़ लग चुका है. कभी-कभी जब कूड़े की स्थिति और भी विकट हो जाती है तो उसमें आग लगा दी जाती है, जिसके कारण क्षेत्रवासियों को प्रदूषण व बदबू में रहने के लिए विवश होना पड़ता है. इस समस्या पर काबू पाने के लिए धर्मबीर सिंह ने धरना प्रदर्शन भी किया और आज भी ऑटो मार्केट की स्थिति में सुधार लाने के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी हैं.

इसके अतिरिक्त क्षेत्र के लोगों की मनमानी भी एक बहुत बड़ी समस्या है, लोगों ने अपने घरों के आगे तक काफी जगह पर चबूतरा व सीढियां बनाई हुई हैं और यदि उन्हें तोड़ने के लिए बोला जाता है तो वह लड़ने लगते है, यही हालत मैन सड़कों पर बनी दुकानों की भी है.
संपन्न विकास कार्य
अपने कार्यकाल के दौरान अभी तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए धर्मबीर सिंह ने अपने प्रयासों से क्षेत्र में सड़कों की व्यवस्था दुरुस्त करायी है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में सुविधा प्राप्त सके. इसके साथ ही गलियां भी पक्की कराई.

इसके अतिरिक्त उन्होंने वार्ड में सीवर की समस्या खत्म कराई, जिससे जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो सके. साथ ही उन्होंने नवीन नगर व सेक्टर-9 के बीच खाली पड़ी हुड्डा सरकार की जमीन पर श्री राव नरबीर सिंह से बात कर 17 एकड़ की जगह पर बच्चों के लिए स्टेडियम बनवाने का भी प्रस्ताव रखा है. जिस पर काम होना आरम्भ होने वाला है.
राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारधारा
धर्मबीर सिंह के अनुसार, सरकार को शिक्षा व्यवस्था की ओर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, शिक्षा के क्षेत्र में ओर अधिक सुधार करने के लिए और बेहतर योजनाएं लानी चाहिए, क्योंकि बच्चें ही बेहतर कल की नींव होते हैं. साथ ही उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था अच्छी होने से रोजगार की समस्या भी समाप्त होगी.

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