Dr Atindra Katiyar
Lajpat Kunj(Agra-Agra-282002)नाम : डॉ अतींद्र कटियार पद : जिलाध्यक्ष, अपना दल "एस", आगरा नवप्रवर्तक कोड : 71183127परिचय -सामाजिक नवप्रवर्तक डॉ अतींद्र कुमार कटियार बेहद परिश्रमी एवं संतोषी व्यक्तित्व हैं. धैर्य से प्रत्येक कार्य को करने वाले अतींद्र जी ने कानपुर के डीबीएस कॉल
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Contributions & updates
Articles, research and updates published by Dr Atindra Katiyar.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : डॉ अतींद्र कटियार
पद : जिलाध्यक्ष, अपना दल "एस", आगरा
नवप्रवर्तक कोड : 71183127
परिचय -
सामाजिक नवप्रवर्तक डॉ अतींद्र कुमार कटियार बेहद परिश्रमी एवं संतोषी व्यक्तित्व हैं. धैर्य से प्रत्येक कार्य को करने वाले अतींद्र जी ने कानपुर के डीबीएस कॉलेज से बीएससी की डिग्री प्राप्त की हैं. वर्तमान में वें भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस के आगरा जिलाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं. पर्यावरण के प्रति अत्यंत सचेत अतींद्र जी जल- संरक्षण के प्रति जनता को जागरूक करने का बीड़ा उठाए हुए हैं.
संगठन का विज़न एवं मिशन -
अतींद्र जी वर्तमान में जल के संरक्षण के लिए अत्यंत गंभीर है, इसके लिए उन्होंने समाज को सचेत करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया के माध्यम से "ऑल जल संरक्षण समिति" नामक फेसबुक पेज का निर्माण किया है. इसके जरिये वे अब तक लगभग 16,000 लोगों को अपने साथ जोड़ चुके हैं. समाज को जल का महत्त्व बताने के लिए वे उन लोगों को अपने साथ जोड़ते हैं, जो पर्यावरण के लिए कुछ बेहतर करने की इच्छा रखते हैं. वे लोगों को समझाते हैं कि जल को किस प्रकार संरक्षित किया जाये एवं विभिन्न आंकडें दर्शा कर वे लोगों को जल की महत्ता बताते हैं.

अपने दूसरे संगठन "श्याम स्वयंसेवी संस्था" के माध्यम से भी वे समाज निर्माण की मुहिम उठाए हुए हैं. अतींद्र जी ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कानपुर देहात में "असर" नामक वैश्विक सामाजिक संस्था के तत्वाधान में कांग्रेस के सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2007-09 तक घर घर जाकर सर्वे कराया, जिसका उद्देश्य यह ज्ञात करना था कि सर्व शिक्षा अभियान से 6-14 वर्ष की आयु के बच्चों में कितना शैक्षणिक परिवर्तन आया. श्याम स्वयंसेवी संस्था के जरिये वे लोगों की समस्याएं सुनते, समझते एवं उनपर कार्य करते हैं.
सामाजिक सरोकार -
जनहित के बहुत से कार्य अतींद्र जी अपने सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर करते रहते हैं. 8 फरवरी, 2008 में बुन्देलखंड के सूखाग्रस्त किसानों के लिए माधवगढ़ में अतींद्र जी ने किसानों की दशा एवं दिशा को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया, जो काफी सफल भी रहा था. नरेगा के क्षेत्र में भी वे काफी कार्य कर चुके हैं, उन्होंने प्रवक्ता एवं आरटीआई विशेषज्ञ श्याम जी शुक्ला के साथ मिलकर बहुत से विषयों पर आरटीआई भी डाल रखी हैं. उनका मानना है कि नौकरी या व्यवसाय में व्यक्ति सीमित हो जाता है, परन्तु संयुक्त प्रयासों द्वारा किये गये सामाजिक कार्य व्यक्ति को आत्मिक संतुष्टि का आभास कराते हैं.

ग्रामीण इलाकों के विकास संबंधी कार्य -
विभिन्न सरकारी योजनाओं से ग्रामीण बहुल क्षेत्रों को मिलने वाले लाभ की वास्तविक्ता जानने के उद्देश्य से अतींद्र जी अक्सर गांव देहातों के निवासियों से भी वार्ता करते रहते हैं. ग्राम सभा विकास सम्बन्धी समस्याओं को लेकर वे धरना, प्रदर्शन आदि के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुँचाने का प्रयत्न भी करते हैं. उनका मानना है कि किसी भी कार्य को सम्पन्न होने के लिए लोगों के बेहतर संगठन और एकजुटता की दरकार सबसे अधिक है.
प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें -
अतींद्र जी के अनुसार पेयजल का संकट वर्तमान में सबसे बड़ा संकट है, जिसे केवल वही समझ सकते हैं, जो आज पेयजल की दिक्कत झेल रहे हैं. इस विषय पर बहुत अधिक कार्य एवं संरक्षण की आवश्यकता बनी हुई है. इसके अतिरिक्त अमराहट पंप कैनाल योजना के चलते कुछ नहरों के बाधित हो जाने से आज बहुत से गांव भुकमरी की कगार पर हैं और लोग वहां से पलायन करने पर विवश हैं. अतींद्र जी चाहते हैं कि इस मुद्दें पर जल्द ही कोई प्रतिक्रिया होनी आवश्यक है.
भ्रष्टाचार : एक व्यापक राष्ट्रीय मुद्दा -
वर्तमान में भारत देश में पनप रही ढेरों समस्याओं के मूल में अतींद्र जी भ्रष्टाचार को सबसे बड़ा दोषी मानते हैं, उनका कहना है कि आज भारत यदि विश्व के अन्य देशों से पिछड़ रहा है, तो उसका जिम्मेदार कोई बाहरी तत्त्व नहीं अपितु जनता के मध्य पसरा भ्रष्टाचार है. यह देश को आगे बढ़ने से तो रोकता ही है, साथ ही वैश्विक पटल पर भी भारत की छवि को धूमिल करने का कार्य करता है. उनके अनुसार उचित शिक्षा और सख्त नीतियों के निर्माण से भ्रष्टाचार जैसी सामाजिक बुराई पर अवश्य ही अंकुश लगाना चाहिए.
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