डॉ राजीव त्यागी एक सम्मानित डॉक्टर (एमबीबीएस, एमडी), सक्रिय नेता तथा जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता हैं. मेडिकल क्षेत्र में कई संगठनों से जुड़े होने के साथ - साथ वह राजनीतिक स्तर पर ‘आम आदमी पार्टी’ से भी जुड़े हुए हैं. वह ‘एपेक्स अस्पताल’ के संस्थापक हैं, जिसकी एक शाखा शास्त्रीनगर तथा दूसरी शाखा राजनगर एक्सटेंशन में है.
वह शास्त्रीनगर गाजियाबाद के रहने वाले हैं तथा उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा ‘आदर्श पब्लिक स्कूल’ से पूरी की. इसके बाद उन्होंने मेरठ यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस तथा ‘अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल’ से पोस्ट ग्रेजुएशन किया. यही नहीं दिल्ली में वाईएमसी से ‘हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन’ का कोर्स करने के अलावा उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में ही कई अन्य डिप्लोमा कोर्स भी किये हैं.
डॉ राजीव त्यागी एक साथ कई क्षेत्र में आपको कार्य करते हुए दिखते हैं. अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्य किया. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के कई अस्पतालों में न सिर्फ स्पेशलिस्ट के रूप में काम किया बल्कि वह दिल्ली में सीएमओ भी रहे. इसके अतिरिक्त गाजियाबाद डॉक्टर एसोसिएशन में काफी सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ वह आईएमए की कार्यकारी समिति व समन्वयक समिति के सक्रिय सदस्य रहे हैं.
यही नहीं वह आईएसए, गाजियाबाद के पूर्व सेक्रेटरी तथा ऐसे ही कई अन्य पदों पर कार्य किया है. शास्त्री पार्क से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मिलकर शास्त्रीनगर में एपेक्स अस्पताल की स्थापना की. 2010 से 2014 तक उन्होंने अपने अस्पताल को पहचान दिलाने के लिए गांव- गांव जाकर नि:शुल्क हेल्थ चेकअप किया, गरीब लोगों का कम पैसों में और कभी- कभी मुफ्त में भी इलाज किया तथा क्षेत्र के सभी लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया. इस अस्पताल की सफलता के बाद उन्होंने राजनगर एक्सटेंशन में एपेक्स अस्पताल की दूसरी शाखा की भी स्थापना की.
चिकित्सा के क्षेत्र में काफी सक्रिय होने के बावजूद डॉ राजीव त्यागी समाज में सुधार और बदलाव लाने के लिए काम करना चाहते हैं. आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल तथा ‘आप’ की विचारधारा व नीतियों से अत्याधिक प्रभावित होने के कारण 2013 में वह आम आदमी पार्टी से जुड़े.
इसके बाद 2017 में वह राजनीतिक रूप से अधिक सक्रिय हुए, जब उनकी पत्नी प्रगति त्यागी को आम आदमी पार्टी द्वारा गाज़ियाबाद से मेयर पद का प्रत्याशी घोषित किया गया. इसके अलावा चिकित्सा तथा सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के कारण डॉक्टर साहब को अब तक कई मंचो पर सम्मानित किया गया है.
डॉ राजीव त्यागी के अनुसार महिला सुरक्षा इस समय सबसे गंभीर व बड़ा मुद्दा है. देश में नीतियों और विचारों की कमी नहीं है, आवश्यकता है तो सिर्फ उन्हें ठीक प्रकार से लागू करने की. हमें ऐसी नीतियां बनानी होंगी, जिससे आम आदमी तक जरुरी सुविधाएं तथा सेवाएं आसानी से उपलब्ध करायीं जा सकें. इसके अलावा शैक्षणिक नीतियां ऐसी हो, जिनसे सड़क पर भीख मांगने वाला गरीब बच्चा भी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित हो सके.
वहीं अगर हम रोजगार की बात करें तो रोजगार न मिलने से समाज में न सिर्फ अपराध बढ़ता है, बल्कि हमारे देश के पढ़े-लिखे, योग्य युवा नौकरी की तलाश में दूसरे देशों में चले जाते हैं. वहीं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर डॉक्टर साहब की राय है कि देश के सभी नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा होना चाहिए तथा सभी को मुफ्त इलाज मिलना चाहिए. सरकार सभी लोगो का बीमा कराये तथा उससे भुगतान करे.

इसके अलावा व्यापारियों के सम्बन्ध में उनका कहना है कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं तथा कई युवाओं को रोजगार देते हैं. अतः व्यापारियों को नुकसान होने से सीधा- सीधा देश को नुकसान होता है. इसलिए सरकार को व्यापारियों की समस्याएं दूर करने पर भी जोर देना चाहिए. वहीं अगर वैश्विक स्तर पर बात करें तो डॉ साहब के अनुसार इस समय सीमा सुरक्षा और आतंकवाद सबसे बड़ा मुद्दा है. सबसे पहले तो राष्ट्रीय स्तर पर सेना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. इसके बाद सभी पड़ोसियों से अच्छे सम्बन्ध होना बहुत आवश्यक है, जिससे सीमा पर तनाव न रहे और सीमा व हमारे सैनिक सुरक्षित रहें. इसके अलावा विश्व के सभी राष्ट्रों को मिलकर आतंकवाद का हल निकालना होगा, अन्यथा भविष्य में इस पर नियंत्रण पाना असंभव हो जायेगा.

डॉ राजीव त्यागी खुद को एक नेता से ज्यादा ‘जनता का सेवक’ कहलाना पसंद करते हैं. वह चिकित्सा के क्षेत्र में काफी सक्रिय व सफल हैं तथा अच्छा कार्य कर रहे हैं. इसके बावजूद वह राजनीति से जुड़े हुए हैं, क्योंकि उनका मानना है कि राजनीति में शिक्षित लोगों की आवश्यकता है व समाज में बदलाव व सुधार लाने के लिए किसी को तो आगे आना ही पड़ेगा. उनका कहना है कि राजनीति में योग्यता के अनुसार ही पदों का आवंटन होना चाहिए. जैसे कि शिक्षा मंत्री का पद सबसे पढ़े लिखे व्यक्ति को तथा स्वास्थ्य मंत्री का पद किसी बड़े डॉक्टर को देना चाहिए. जिससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और नेता अपने कार्यों का ठीक प्रकार से निर्वाहन कर पाएंगे. एक नेता के रूप में उनका उद्देश्य संसद से लेकर जनता तक अपने विचारों को पहुंचाना, लोगों के हित में काम करना तथा कागजों तक सीमित नीतियों को ज़मीनी स्तर पर लागू करना है.