नाम : गंगा भट्ट
पद : अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ ) एवं समाजसेवी - पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ
नवप्रवर्तक कोड : 71183043
परिचय :
पर्वतीय महापरिषद की महिला अध्यक्ष गंगा भट्ट मूल रूप से अल्मोड़ा, उत्तराखंड की निवासी हैं. इनके पिता सेना में अधिकारी रहे हैं. बचपन से ही वह बेहद प्रतिभावान रही हैं. खेल कूद में विशेष रुचि के कारण कक्षा 6 से ही विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेना आरंभ कर दिया था. तकरीबन 26 मंडल, राज्य आदि प्रतियोगिताओं में एथलीट, कबड्डी व तलवारबाजी में गंगा भट्ट ने बहुत से स्वर्ण तथा रजत पदक जीते. इनकी शिक्षा-दीक्षा विवाह के पश्चात भी अनवरत जारी रही.
संगठन के उद्देश्य :
समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़ कर गंगा जी दीन हीन लोगों के लिए कार्य तथा आखिरी पायदान तक के व्यक्ति को सहायता पहुंचाना चाहती हैं. पर्वतीय महापरिषद के जरिए लखनऊ के पर्वतांचली लोगों को एकत्रित कर एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं पर विचार करने का प्रयास गंगा जी करती रहती हैं.
इसके अतिरिक्त "रामकृष्ण आशा समाजोत्थान समिति" के माध्यम से वें समाज सेवा का बिगुल बजा रही हैं. विवेकानंद जी के सिद्धांतो पर चलते हुए यह समिति युवाओं की शिक्षा-दीक्षा के प्रचार का कार्य कर रही है. घर-घर शिक्षा की अलख जलाकर बच्चों को पुस्तकें, अध्यापक एवम् पढ़ने का स्थान प्रदान कराना इस संस्था का प्रमुख ध्येय है. "प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना" के अन्तर्गत रोजगारपरक शिक्षा की मुहिम चला कर बच्चों को भविष्य के लिए तैयार किया जाना भी गंगा जी का उद्देश्य है.
प्रमुख कार्य :
लखनऊ के हबीरपुर क्षेत्र में शराबबंदी के लिए गंगा जी काफी कार्य कर रही है, उनके अनुसार कच्ची शराब के सेवन से गांव में घर परिवार बर्बाद हो रहे हैं, जिसे रोकना इनकी प्राथमिकता है. शराबबंदी अभियान के तहत आबकारी विभाग में गुहार लगाने का प्रयास भी वह कर रही हैं.
इसके अलावा नशे से ग्रस्त युवाओं के लिए भी नशा मुक्ति अभियान गंगा जी ने चलाया हुआ है तथा अपने क्षेत्र में वीडियो गेम्स की आड़ में बच्चों को अश्लीलता सीखा रहे वीडियो गेम्स पार्लर्स को भी उन्होंने बन्द कराया. इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर भी वह कार्य कर रही हैं.
भविष्यगत योजनाएं :
गंगा जी भविष्य में अपने क्षेत्र से लगी हुई ग्राम सभाओं हबीरपुर, डिप्टीगंज, हरिहरपुर, मलाक इत्यादि में गरीब तबके के लोगों के लिए कार्य करना चाहती हैं. इन क्षेत्रों में वो लघु व कुटीर उद्योगों की सहायता से महिलाओं को सम्मानपूर्वक कार्य करते देखना चाहती हैं.
अपने क्षेत्र में एक महिला डिग्री कॉलेज की स्थापना करना भी गंगा जी का स्वप्न है, जिससे लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए घर से दूर जाने का अवरोध ना सहना पड़े. इसके साथ ही 1090 पॉवर विंग तथा गुलाबी गैंग की तर्ज़ पर अपने क्षेत्र में भी एक महिला संस्थान की स्थापना वह करना चाहती हैं.
सामाजिक कार्यों में बाधाएं :
गंगा जी का मानना है कि राजनैतिक दबंग लोग सामाजिक सुधार की दिशा में सबसे बड़ी रुकावट हैं. ढुल-मुल व्यवहार वाली राजनीति में समाज सेवा के नाम पर केवल व्यापार किया जाता है, जो असली समाज सुधार की आशा कर रहे लोगों के साहस को तोड़ने का कार्य करता है.
बेहतर नीति परिवर्तन :
गंगा जी के अनुसार भारतीय समाज में आज भी कहीं ना कहीं महिलाओं को पुरुषों से पीछे धकेल दिया जाता है, जो गलत है. उनके अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध, दहेज प्रथा आदि पूरी तरह प्रतिबंधित होने चाहिए, तभी एक अच्छे सम्मानित व सर्वसम्मति वाले समाज का निर्माण हो सकता है.
सामाजिक परिवर्तन की आशा :
शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानने वाली गंगा जी के अनुसार आज भी बहुत से ऐसे इलाके हैं, जहां लोग अपने बच्चों को केवल इसलिए नहीं पढ़ा पाते क्योंकि वें केवल उन्हें कमाते देखना चाहते हैं. इस तरह की सोच पर लगाम लगनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा के माध्यम से ही समाज आगे बढ़ कर विकसित हो सकता है.