नाम : महेंद्र सिंह चंदेल
पद : विधायक प्रत्याशी, भाजपा (बिठूर विधानसभा 210), कानपुर
नवप्रवर्तक कोड : 71189656
जीवन परिचय –
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले बिठूर विधानसभा से प्रत्याशी के तौर पर खड़े होने की तैयारी कर रहे महेंद्र सिंह चंदेल कानपुर के किसान नगर पकरी गदनखेड़ा ग्रामसभा में परिवर्तन की लहर लाने के लिए प्रयासरत एक राजनीतिक सह सामाजिक नवप्रवर्तक हैं।
मूल रूप से कानपुर की पकरी गदनखेड़ा ग्रामसभा से आने वाले महेंद्र सिंह एक साधारण किसान परिवार से संबंधित हैं। उन्होंने इंटर तक शिक्षा प्राप्त की है और संघर्षपूर्ण बचपन जीते हुए हाशिये पर खड़े लोगों की आवाज बनने का निर्णय लिया।
राजनीति से जुड़ने का कारण –
महेंद्र सिंह का परिवार सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाला रहा है। समाज में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और असहायों के अधिकारों के लिए लड़ने के कारण 6 जनवरी, 1988 में उनके पिताजी श्री बलराम सिंह चंदेल की हत्या समाज के अराजक तत्वों द्वारा कर दी गई थी। ऐसे में महेंद्र सिंह सहित पूरे परिवार का जीवन संघर्षों व चुनौतियों से होते हुए गुजरा।
इसके उपरांत उनके बड़े भाई ने समाज में आगे बढ़ते हुए राजनीति में अपने कदम रखे और ग्राम प्रधान नियुक्त हुए। 15 साल तक उन्होंने ग्राम प्रधान के रूप में सेवाएं दी। इसके बाद महेंद्र सिंह की माताजी ने 2010 में ग्राम प्रधान के पद की जिम्मेदारी संभाली और तब से निरंतर वह मुखिया के तौर पर ग्रामसभा की जनता की समस्याओं पर काम कर रही हैं। 2021 में हुए ग्रामसभा चुनावों में भी महेंद्र सिंह की माता जी ने ही विजय प्राप्त की।
महेंद्र सिंह के छोटे भाई भी पंचायत सदस्य हैं और ब्लॉक प्रमुख चुनावों में भी वह शिरकत कर चुके हैं। 2010 में उनके छोटे भाई ने जब जिला पंचायत चुनाव में भागीदारी की तो विपक्ष द्वारा उन्हें मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा, यहां तक कि उनके परिवार पर फर्जी मुकदमे लगाकर उनके बड़े भाई को पूरा दिन थाने में बैठाया गया, इसके बाद भी उन्हें जिला पंचायत सदस्य के चुनावों में जीत मिली।
अपने परिवार के इस सामाजिक-राजनैतिक जुझारूपन का उनपर भी बहुत प्रभाव रहा और पारिवारिक समर्थन के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने विधानसभा क्षेत्र की जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठानी आरंभ की। क्षेत्रीय जनता उन्हें "जननायक महेंद्र भैया" के नाम से जानती है और 2015 से ही वह बिठूर विधानसभा में बीजेपी की नीतियों का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के क्रम में निरंतर प्रयास किए हैं, जिसके आधार पर वह 2022 में भी इस क्षेत्र से दावेदारी पेश करने जा रहे हैं।
सामाजिक परिवर्तन के प्रयास –
वैसे तो समाज में फैली असमानताओं को दूर करने के प्रति छात्र जीवन से ही महेंद्र सिंह के मन में जज़्बा था, परन्तु बिठूर विधानसभा क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य करते हुए उन्हें लगा कि बदलाव वाकई आना चाहिए, नहीं तो वर्षों के संघर्ष के बाद हमे मिली ये आज़ादी बेमानी ही है।
साथ ही उन्होंने अनुभव किया कि समाज में बिना नेतृत्व क्षमता के असहाय जनों की सहायता नहीं की जा सकती है। मात्र आठ वर्ष की आयु में पिताजी का साया सिर से उठ जाने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि न्याय और वंचितों के अधिकारों की आवाज को मुखर करने वाले लोग समाज में बहुत कम हैं। लोगों के अंदर अपने अधिकारों को लेकर सजगता नहीं है और इसका लाभ अक्सर क्षेत्र के बाहुबली लोगों को मिल जाता है। इसी क्रम में वह लोगों को शिक्षा के लिए जागरूक कर रहे हैं ताकि वह अपने हितों को लेकर आवाज उठा पाए।
प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें –
प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद आने वाले बदलाव को महेंद्र सिंह काफी अहम मानते हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में निश्चित रूप से बदलाव आया है लेकिन आज भी कुछ लोग हैं जो अपने भ्रष्ट आचरण के चलते सरकारी योजनाओं को आगे नहीं पहुंचने देते और विकास कार्यों में बाधा डालते हैं। उनके अनुसार सिस्टम में व्यापत अव्यवस्थाओं पर काम होना बेहद जरूरी है। वह अपने अनुभवों के आधार पर कहते है कि बिठूर में ऐसे अनगिनत मुद्दें हैं, जिन पर धरातलीय स्तर पर कार्य किया जाना आवश्यक है।
सड़कों का विकास, पेयजल की उपलब्धता, किसानों के लिए विकास योजनाएं, शिक्षा हेतु सुविधासंपन्न प्राथमिक व हाई स्कूलों की स्थापना, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से लेस स्वास्थ्य केंद्र, महिलाओं का उत्थान इत्यादि अनेकों मुद्दे हैं, जिन पर कार्य होने के लिए मात्र पांच वर्ष काफी नहीं है। आजादी के बाद से जहां काम नहीं हुआ है, वहां बस पांच वर्ष में संपूर्ण विकास कार्य हो जाना संभव नहीं है। महेंद्र सिंह इन्हीं सभी समस्याओं को लेकर संघर्षशील हैं और 2022 के चुनावों में शिरकत कर क्षेत्र के विकास को अंतिम व्यक्ति तक ले जाना चाहते हैं।