Mohd Irshad
Akrampur(Unnao-Unnao-209862)नाम : मोहम्मद इरशाद पद : पार्षद (निर्दलीय), वार्ड 23, अटल बिहार नगर उत्तरी, उन्नाव नवप्रवर्तक कोड : 71183842 परिचय पिछले कईं वर्षों से राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय मोहम्मद इरशाद वर्तमान में उन्नाव के वार्ड 23, अटल बिहारी नगर उत्तरी से पार्षद हैं.
BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : मोहम्मद इरशाद
पद : पार्षद (निर्दलीय), वार्ड 23, अटल बिहार नगर उत्तरी, उन्नाव
नवप्रवर्तक कोड : 71183842
परिचय
पिछले कईं वर्षों से राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय मोहम्मद इरशाद वर्तमान में उन्नाव के वार्ड 23, अटल बिहारी नगर उत्तरी से पार्षद हैं. इंटरमीडिएट तक ही शिक्षा प्राप्त कर पाएं इरशाद ने कचहरी में भी कार्य किया है, साथ ही समाज कल्याण की ओर रुझान होने के चलते उन्होंने राजनीति में कदम रखा.
राजनीतिक पर्दापण
इरशाद ने क्षेत्रीय समस्याओं पर कार्य करते हुए आमजन की समस्याओं को समझना व उन समस्याओं से जनता को निज़ात दिलाने के लिए कार्य
करना आरम्भ कर दिया था और इसी सेवा भावना के ध्येय से ही उन्होंने राजनीति में
प्रवेश किया.
वर्ष 2017 में अटल बिहारी उत्तरी वार्ड से उन्होंने सभासद का चुनाव लड़ा और लोगों से प्राप्त जन समर्थन से उन्हें जीत भी मिली.
प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें –
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होना मोहम्मद इरशाद अपने वार्ड की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक मानते हैं, उनके अनुसार यहां न केवल बरसात अपितु हर मौसम में जलभराव की परेशानी से स्थानीय जनता को जूझना पड़ता है इसीलिए अपने डेढ़ वर्षीय कार्यकाल के अंतर्गत उन्होंने इसी समस्या को लेकर सर्वाधिक संघर्ष किया है.
जल निकासी की समस्या को वह न केवल अपने वार्ड अपितु समस्त उन्नाव की सबसे प्रमुख समस्या मानते हैं. उनके अनुसार जब वर्ष 1965 में 2 फीट के सीवरपाइप डाले गए थे, तब उन्नाव की आबादी मात्र 10-15,000 थी. किन्तु धीरे धीरे शहरीकरण के चलते जनसंख्या बढ़ती चली गयी और 2 फीट के पाइप नाकाफी रह गए, नतीजतन सीवर व्यवस्था बदहाल हो गयी और इसके चलते आज पूरा उन्नाव जलभराव की समस्या से जूझ रहा है.

इसके अतिरिक्त मोहम्मद इरशाद के अनुसार आज से 20 साल पहले उन्नाव में बहुत से तालाब हुआ करते थे जो बारिश के पानी को संचित कर लिया करते थे और जलभराव की समस्या अधिक नहीं थी. परन्तु वर्तमान में इन सभी तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे जल निकासी का यह मार्ग भी अवरुद्ध हो गया.

वार्ड में जलनिकासी की समस्या पर अधिक प्रकाश डालते हुए इरशाद बताते हैं कि वार्ड में हाजीहताउल्ला से लहरिया तक जाने वाले नाला, जो शहर की लगभग 70 फीसदी जल निकासी का स्त्रोत है, उस पर भी लोगों ने बहुत स्थान पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. इन अवैध निर्माणों के चलते नाले के द्वारा उचित रूप से जल निकासी नहीं हो पाती.

संपन्न विकास कार्य –
स्थानीय विधायक के सहयोग से मोहम्मद इरशाद ने अपने वार्ड से कूड़ा डंपिंग स्टेशन को हटवाकर
वहां स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के नाम से एक पार्क का
शिलान्यास कराया, जिससे आम जनता को एक बेहतर स्थान मिल सके.
साथ ही जलनिकासी के मुद्दे को लेकर भी इरशाद निरंतर आवाज उठाते रहते हैं. नाले
को अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में उन्होंने नगर विकास मंत्री और डीएम को
ज्ञापन भी भेजा है, जिससे निकट भविष्य में इस गंभीर समस्या से स्थानीय जनता को
निवारण मिल सके.
राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारधारा -
मोहम्मद इरशाद का मानना है कि वर्तमान में बेरोजगारी देश का सबसे
बड़ा मुद्दा है, जिससे युवाओं का भविष्य बिखर रहा है. उनके अनुसार आज देश में अपराधों
के बढ़ते ग्राफ का सबसे बड़ा कारण भी बेरोजगारी ही है. उन्नाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न कारणों से लगभग 350 कारखानों के बंद होने से यहन
हजारों की तादाद में युवक बेरोजगार घूम रहे हैं.
उनके अनुसार देश को यदि तरक्की की राह पर अग्रसर होते देखना
है तो आज बेरोजगारी की समस्या पर गहनता से कार्य करने की आवश्यकता है.
Is this you, or someone you work with?
Contribution here is earned through action research and verified milestones — not bought. Add your work, or request a correction to what's shown.
Get on the record →