Ramlakhan Gautam
Anta(Kanpur Dehat-Bilhaur-209202)नाम – रामलखन गौतम पद – पूर्व प्रत्याशी, बिल्हौर विधानसभा 209 (सु), कानपुर नगर नवप्रवर्तक कोड – 71183366वेबसाइट - http://ramlakhangautam.in/ परिचय – रामलखन गौतम निरतंर कई वर्षों से समाज में फैली बुराईयों, असमानता तथा विषमताओं को दूर करने के प्रति क
BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
Affiliations
Parties and institutions Ramlakhan Gautam is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Contributions & updates
Articles, research and updates published by Ramlakhan Gautam.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
पद – पूर्व प्रत्याशी,
बिल्हौर विधानसभा 209 (सु), कानपुर नगर
नवप्रवर्तक कोड –
वेबसाइट - http://ramlakhangautam.in/
परिचय –
रामलखन गौतम निरतंर कई वर्षों से समाज में फैली बुराईयों, असमानता तथा विषमताओं को दूर करने के प्रति कार्यरत एक राजनीतिक-सामाजिक नवप्रवर्तक हैं. मूल रूप से कानपुर नगर के बछना ग्राम के निवासी रामलखन गौतम की आरभिंक शिक्षा बी.आर.डी. इंटर कॉलेज से हुई है. वे कानपुर नगर की बिल्हौर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे हैं तथा उनकी धर्मपत्नी भी बिल्हौर विधानसभा के कसिगवा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं.

संघर्षशील जीवन -
गरीबी से जूझते हुए बचपन में ही पिता के आकस्मिक देहांत के बाद रामलखन गौतम ने वर्ष 1992 में अपना घर छोड़ दिया तथा गोहाना में नरेश निर्वाण फैक्ट्री में बॉब-इन मशीन पर कार्य करना आरम्भ कर दिया. आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने दिन में फैक्ट्री में कार्य तथा रात में रिक्शा भी चलाया.
उनके मन में युवावस्था से ही समाज के हर वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने की प्रबल इच्छा थी परन्तु धन का अभाव एवं परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें अपने गांव के कुछ लड़कों के साथ दिल्ली के ओखला स्थित जेट 65 ओपेरा हाउस में कटिंग के कार्य करना पड़ा. कार्य के प्रति उनकी लगन व परिश्रम को देखते हुए उन्हें ठेकेदारी का कार्य सौंप दिया गया. जिसके उपरांत वे निरंतर प्रगति करते हुए सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हो गये.
राजनीतिक पदार्पण –
अनौपचारिक रूप से रामलखन गौतम वर्ष 2003 से राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, जिसके अंतर्गत उन्होंने सामाजिक निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता दी. अपने राजनीतिक करियर के प्रारंभ में उन्होंने कोई भी पार्टी ज्वाइन नहीं की, बल्कि स्थानीय निवासियों की समस्याओं पर कार्य किया.
सर्वप्रथम वर्ष 2007 में उन्होंने अपने बड़े भाई को ग्राम प्रधान के चुनाव
में भाग लेने के क्रम में प्रोत्साहित किया. जनता एवं परिवार के समर्थन के चलते उन्होंने
वर्ष 2012 में कांग्रेस के टिकट से बिल्हौर विधानसभा से विधायक पद का चुनाव लड़ा. जिसके अंतर्गत पार्टी
की लोकप्रियता क्षेत्र में अधिक नहीं होने के कारण एवं पार्टी में आंतरिक गुटबाजी के चलते वे जीत नहीं पाए.
कांग्रेस की नीतियों से असंतुष्ट होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया और जब वर्ष 2018 में विधायक अमिताभ वाजपेयी जी ने उन्हें माननीय अखिलेश यादव जी से मिलवाया तो उन्होंने सपा ज्वाइन करने का निर्णय लिया. अखिलेश जी से हुई मीटिंग के दौरान उन्होनें महसूस किया कि वे युवाओं एवं वंचितों के विकास की दिशा में अग्रणी होकर कार्य कर रहे हैं.
उनके सिद्धांतों एवं आदर्शों से प्रेरित होकर रामलखन गौतम सपा से जुड़कर लगातार क्षेत्रवासियों के लिए कार्यरत हैं एवं उनकी समस्याओं का हल निकालने की दिशा में प्रयासरत हैं.
सामाजिक सरोकार -
अपने क्षेत्र की समस्याओं से रूबरू होने के पश्चात रामलखन गौतम को यह महसूस हुआ कि निवासियों की प्रगति के लिए क्षेत्र की स्थिति एवं प्रतिदिन की व्यक्तिगत और सामाजिक समस्याओं का समाधान नितांत आवश्यक है.
इनका राजनीति में आने का ध्येय भी यही है कि क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं का निवारण करना है. अपनी प्रतिमाह में अर्जित आमदनी का एक हिस्सा वे गरीब बच्चों की शिक्षा व असहायों की सहायता करने में लगा देते हैं.

एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में रामलखन गौतम बिल्हौर में रहने वाले निर्धन, असहाय लोगों एवं वंचित वर्गों के मध्य उम्मीद की किरण की भांति कार्य करते हैं. आर्थिक सहायता के अतिरिक्त वे प्रशासन द्वारा भी उनकी सहायता कराते हैं.
राजनीतिक जीवन से जुड़ी
चुनौतियां –
रामलखन गौतम के अनुसार राजनीतिक क्षेत्र के अंतर्गत जैसे जैसे व्यक्ति प्रगति करता जाता है, वैसे ही बहुत सी चुनौतियों का सामना भी उसे करना पड़ता है. उन्हें भी बहुत से दबंग लोगों से धमकी मिली तथा उन्हें पीछे हटाने के प्रयास भी किये गये, परन्तु उन्होंने कभी अपने कदम पीछे नहीं हटाये.
साथ ही उनका मानना है कि विधायक का पद किसी क्षेत्रवासी को ही मिलना चाहिए, जिसे इलाके की अच्छी समझ हो तथा जिसने स्वयं स्थानीय समस्याओं का आभास किया हो. इसी संकल्पना के साथ वे संघर्षशील होकर कार्य कर रहे हैं तथा चाहते हैं कि सपा की ओर से विधायक पद पर चुनाव लड़ने का अवसर उन्हें प्राप्त हो सकें और वे क्षेत्र का विकास कर एक बेहतर समाज के लिए योगदान सुनिश्चित करा सकें.

प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें
–
स्थानीय समस्याओं की गहन समझ रखने वाले रामलखन गौतम के अनुसार बिल्हौर विधानसभा के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों, अच्छे सरकारी शिक्षण संस्थानों आदि का बेहद अभाव है. साथ ही उनका कहना है कि सम्पूर्ण मिश्रिख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तकरीबन 500 ग्रामों में बिजली व्यवस्था बेहतर नहीं है. बिल्हौर क्षेत्र में निर्धन वर्ग हेतु कोई सामुदायिक आयोजन स्थल भी नहीं है.
रामलखन गौतम का मानना है कि आज तक जितने भी विधायक इस विधानसभा क्षेत्र से हुए
किसी ने भी विकास कार्य कराने के बारे में नहीं सोचा और इसका प्रमुख कारण क्षेत्रीय
जनता की संकीर्ण मानसिकता एवं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होना है. विधायक
पद प्राप्त कर वे क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को दूर करने की दिशा में अग्रसर होना
चाहते हैं.
राष्ट्रीय मुद्दों पर
अवलोकन –
रामलखन गौतम के अनुसार देश की वास्तविक प्रगति नागरिकों से जुड़ी होती है, परन्तु आज देश में जीएसटी, बढती महंगाई इत्यादि से नागरिकों का विकास हो ही नहीं पा रहा है. नोटबंदी के बाद से देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है.
राष्ट्रीय स्तर पर लिए गये निर्णयों को अकस्मात जनता पर थोप देने के स्थान पर अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर उन पर उचित प्रकार विचार-विमर्श किया जाना आवश्यक होता है. इन मुद्दों पर यदि कार्य किया जाये तो देश उन्नति की राह पर आगे बढ़ सकता है.

Is this you, or someone you work with?
Contribution here is earned through action research and verified milestones — not bought. Add your work, or request a correction to what's shown.
Get on the record →