Ravinder khanna
Nagola(Ghaziabad-Hapur-245304)नाम : रविन्द्र खन्ना ji पद : सभासद उम्मीदवार नवप्रवर्तक कोड : 71183051 परिचय – रविन्द्र जी का जन्म 1974 में हुआ और वह मूल रूप से गाजियाबाद के निवासी हैं. उनका स्टेशनरी और जनरल स्टोर का व्यापार हैं. रविन्द्र जी के पिता जी सिविल डिफेंस में वार्डन थे
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Affiliations
Parties and institutions Ravinder khanna is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : रविन्द्र खन्ना ji
पद : सभासद उम्मीदवार
नवप्रवर्तक कोड : 71183051
परिचय –
रविन्द्र जी का जन्म 1974 में हुआ और वह मूल रूप से गाजियाबाद के निवासी हैं. उनका स्टेशनरी और जनरल
स्टोर का व्यापार हैं. रविन्द्र जी के पिता जी सिविल डिफेंस में वार्डन थे, जिसके कारण उनके परिवार
का समाज सेवा में अधिक रूझान रहा है. उनकी शिक्षा गाजियाबाद के मॉडल स्कूल से पूरी
हुई तथा वर्ष 1993 में उनके बड़े भाई का देहांत होने के उपरांत पारिवारिक
जिम्मेदारी के चलते उन्हें अपनी शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ी. पूर्व में उनका परिवार
पाकिस्तान मे रहता था और आजादी के एक वर्ष पहले भारत आकर गाजियाबाद में रहने लगे.
राजनीतिक जीवन -
सन 1998 के बाद रविन्द्र जी छात्र अधिकारों को लेकर राजनीति में उतरे और
उन्होंने 10 वर्ष निरंतर समाजवादी पार्टी के लिए कार्य किया. हाल ही में वर्ष 2017 में संपन्न
हुए नगर निगम चुनाव में राष्ट्रीय लोक दल से गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड नंबर 19
से सभासद पद के उम्मीदवार के रूप में समाज सेवा की धारा मुखऱ करते हुए उन्होंने
चुनाव लड़ा.
सम्पन्न कार्य और संघर्ष –
राजनीति में आने के उद्देश्य के बारे में रविन्द्र जी का कहना है कि वे समाज
के लिये अच्छे कार्य करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के ध्येय से ही
राजनीति में आए. वे विगत 14 वर्षों से
राजनीति में हैं तथा समाज उत्थान की जिस धारणा को लेकर रविन्द्र जी राजनीति में आए
थे, वही उनके लिए संघर्ष का कारण बनी. उन्होंने कॉलेज के छात्रों के साथ मिलकर बी.ए. एंट्रेंस
एग्जाम के लिए आन्दोलन किया था और सरकार ने उनकी बात को तवज्जो भी दी.
संगठन का उद्देश्य -
रविन्द्र जी एक एन.जी.ओ. चला रहे हैं, जिसका नाम है ‘मां-बाप को मत भूलना’, जिसमें वह और उनका संगठन
गरीबों तथा असहायों की मदद करता है. इस एन.जी.ओ. के तहत वह गरीबों की कपड़ों से
लेकर खाने की मदद करते हैं तथा युवाओं को अपनी संस्कृति एवं भारतीयता के लिए
जागरूक करने का कार्य भी करते हैं.
सामाजिक अगुवाई –
अपने पिता जी से प्रेरणा लेकर रविन्द्र जी आगे बढ़े और 1998 से सामाज और छात्र
अधिकारों के लिए के हित के लिये कार्य कर रहे हैं. वे तत्परता से समाज के लिए
आगे बढ़ कर कार्य करनें की और लोगों की समस्याएं दूर करने की दिशा में अनवरत कार्य
करते हैं.
क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे –
रविन्द्र जी के अनुसार उनके क्षेत्र के सबसे प्रमुख मुद्दें सफाई व्यवस्था, बिजली
और सड़क परिवहन व्यवस्था हैं. साथ ही क्षेत्र में शौचालय व्यवस्था भी कुछ ठीक नही
है. रविन्द्र जी बताते हैं कि
उनके वार्ड 19 में एक भी सुलभ शौचालय नही हैं. गाजियाबाद में 22 से नगर निगम है और जिनके मेयर
केंद्रीय सरकार द्वारा शासित हैं, किन्तु फिर भी इन मुद्दों पर कभी कोई कार्य नहीं
हुआ और ये प्रमुख समस्याएं शुरू से लेकर अंत तक जस के तस हैं, इनमें कोई भी
परिवर्तन नहीं आया है. रविन्द्र जी ने सभासद बनने के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया तथा नालियां एवं खरन्जे बनवाए.
प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दें –
राष्ट्रीय स्तर पर रविन्द्र जी के अनुसार बेरोज़गारी, आरक्षण और धार्मिक
संप्रदायवाद और जातिवाद ये भारत के सबसे प्रमुख मुद्दें हैं. उनका मानना है कि अगर देश
में जातिवाद खत्म हो गया तो जो बच्चें विदेश जाकर काम कर रहें हैं वो अपने देश में
काम करके देश का नाम रोशन कर सकते हैं और देश को आगे बढ़ा सकते हैं. किसी की भी सरकार बनें, अगर
इन मुद्दों में परिवर्तन आ गया तो हिन्दुस्तान एक बार फिर से सोने की चिड़िया बन
सकता है. अगर देश के जागरुक
नवयुवक आगे बढ़ेंगे तो ही शायद इन मुद्दों का समाधान हो.
वैश्विक परिद्रश्य में भारत -
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत से जुड़े मुद्दों के बारे में रविन्द्र जी का मानना है कि यदि हमारा पड़ोस अच्छा होगा तो सब कुछ अच्छा होगा. उनके अनुसार भारत को चीन और पाकिस्तान से देश की बेहतरी के लिए मधुर संबंध बनाने चाहिए और पुराने विवादों को खत्म कर देना चाहिए, तभी देश प्रगति करेगा.
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