Siyaram Rai
N.S.Mandi(North West Delhi--110033)नाम – सियाराम राय पद – अध्यक्ष (आप), चांदनी चौक लोकसभा नवप्रवर्तक कोड - 71183496परिचय : मजदूर वर्ग के सामाजिक उत्थान के ध्येय से राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने वाले सियाराम राय जी एक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर आम आदमी पार्टी के बैनर तले क
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Affiliations
Parties and institutions Siyaram Rai is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम – सियाराम राय
पद – अध्यक्ष (आप),
चांदनी चौक लोकसभा
नवप्रवर्तक कोड -
परिचय :
मजदूर वर्ग के सामाजिक
उत्थान के ध्येय से राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने वाले सियाराम राय जी एक
सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर आम आदमी पार्टी के बैनर तले कार्यरत एक
समर्पित राजनीतिज्ञ हैं. मूलरूप से बेगुसराय, बिहार के ग्राम साहपुर के निवासी
सियाराम जी का जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है.
उन्होंने ग्राम साहपुर से प्रारंभिक
शिक्षा संपन्न करने के पश्चात परिवार की आर्थिक परिस्थिति सुदृढ़ न होने के
फलस्वरूप आगे की शिक्षा प्राप्त नहीं की. मूल रूप से कृषक परिवार से संबंधित
सियाराम जी गरीबी का दंश झेलते हुए संघर्षपूर्ण जीवन व्यतीत
किया है. वर्तमान में वे आम आदमी पार्टी से चांदनी चौक लोकसभा से अध्यक्ष पद पर
कार्यरत होकर जनहित निहितार्थ कार्य कर रहे हैं.
राजनीतिक पदार्पण :
मजदूरों को उनका हक़ दिलाने
के उदेश्य से सियाराम जी ने वर्ष 1995 में राजनीति में कदम रखा तथा सर्वप्रथम
लोकजन शक्ति पार्टी में आदर्शनगर विधानसभा के अंतर्गत अध्यक्ष पद पर अपना कार्यभार
सम्भाला और लोगों की मूलभूत समस्याओं को समझ कर मजदूरों के हितों के लिए कार्य
किया.
इसके पश्चात सियाराम जी ने
जनता दल यूनाइटेड पार्टी ज्वाइन की. जमीन से जुड़े सियाराम जी सभी वर्गों की आवश्यकताओं
को बखूबी समझते हुए कार्यरत रहे तथा समाज निर्माण से जुड़े बहुत से कार्य अनवरत
करते रहे.
विकास की इसी श्रृंखला को
आगे बढ़ाते हुए मजदूरों को उनका हक़ दिलाने के प्रति संकल्पित सियाराम जी ने लोगों
की जरूरतों को समझते हुए अपने कार्यों का दायरा बढ़ाने के उदेश्य से वर्ष 2013 में
आम आदमी पार्टी ज्वाइन की तथा वर्तमान में वे लोकसभा अध्यक्ष के पद पर कार्यरत
होकर जनता की सेवा कर रहे हैं.
संघर्षपूर्ण जीवन से जाना
मजदूर वर्ग का मर्म :
बाल्यकाल में सियाराम जी का
जीवन संघर्षों से परिपूर्ण रहा. एक साधारण कृषक परिवार से संबंधित होने के कारण
पारिवारिक जीवनशैली वस्तुतः फसलों पर ही निर्भर थी, जिसके चलते मात्र एक बीघा जमीन
में परिवार को संभाल पाना बेहद जटिल था. आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के चलते 14
वर्ष की आयु में वर्ष 1985 में सियाराम जी बिहार से दिल्ली आ गए थे, जिससे आर्थिक
रूप से परिवार का सहयोग कर सकें.
दिल्ली आकर सियाराम जी ने
आजादपुर मंडी से मजदूर के रूप में कार्य करना शुरू किया. मजदूरी के कार्य को करते
हुए उन्होंने बेहद नज़दीक से मजदूरों की समस्याओं को देखा एवं परखा है, जिसके कारण
वे मजदूरों के मर्म को न केवल समझते हैं, अपितु उनके हितों के कार्य करने के
उद्देश्य से सतत क्रियाशील रहते हैं. साथ ही समाज सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों
में भी सियाराम जी संलग्न रहते हुए पार्टी के सिद्धांतों को जन जन तक पहुँचाने का
कार्य करते हैं.
दिल्ली की आजादपुर मंडी से
शुरू किया सफ़र :
सियाराम जी ने दिल्ली
पहुंचने के पश्चात आजादपुर मंडी के पास रविदास कॉलोनी में रहकर सर्वप्रथम 14 रूपये
की दिहाड़ी में टोकरी ढोने का कार्य आरम्भ किया. इसके साथ ही वे सब्जियों, फलों आदि
के बोरे भी ढोया करते थे. उनके जीवन में नया मोड़ आया, जब उनके अथक परिश्रम और
कार्य प्रवीणता को देखते हुए 14,000 रूपये वेतनमान पर नौकरी करने का अवसर मिला और
उन्होंने पंजाब, हिमाचल आदि शहरों में जाकर भी कार्य किया.
व्यवसाय में धीरे धीरे
प्रगति करते हुए सियाराम जी ने अपनी दुकान खरीदी एवं स्वयं का कारोबार आरम्भ किया.
वर्तमान में वे एस आर ट्रेडिंग कंपनी के नाम से नई सब्जी मंडी, आजादपुर के अंतर्गत
अपनी दुकान चलाते हैं.
“आप” के जरिये बनें मजदूर वर्ग
की आवाज़ :
आम आदमी पार्टी में रहकर सियाराम
जी निरंतर मजदूरों के हितों की उन्नति के लिए कार्य कर रहे हैं. जिसके अंतर्गत मजदूरों
का इलाज़ कराना, उन्हें सरकार से मुआवजा दिलवाना और उनके अधिकारों के प्रति उन्हें
जागरूक करना प्रमुख है. मजदूरों की सहायता करने के उद्देश्य से सियाराम जी स्वयं
आगे बढ़कर कार्य करते हैं.
राजनीति में प्रवेश के पीछे
भी सियाराम जी की यही मंशा रही कि यदि समाज के लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा
करना हो, तो अपने कार्यों और पहचान के दायरे को बढ़ाना होगा. उनका मानना है कि जन
जन तक आपकी पहुंच होनी आवश्यक है, जिससे सभी व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति
जागरूक हो सके और समाज को विकास की ओर अग्रसर करने में अपना सहयोग दे सके.
राष्ट्रीय हित के प्रति
विचारधारा :
सियाराम जी वर्तमान सरकार के कार्यों से बेहद असंतुष्ट है. उनका मानना है कि देश को यदि मजबूत स्तम्भ पर देखना है तो स्वयं के इरादों की मजबूत बनाना होगा. जो परिवर्तन हम देश में, समाज में या व्यक्ति में लाना चाहते है, सर्वप्रथम स्वयं में वही परिवर्तन लाना होगा, जिससे हमारा दृष्टिकोण बदलेगा और देश विकास की ओर अग्रसर होगा.
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