Chandra Shekhar Aazad ward – 57 (Ayodhya)
Ayodhya(Faizabad-Faizabad-224123)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
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अयोध्या, जिसका जिक्र होते ही दो चित्र मस्तक पटल पर अंकित हो जाते हैं..एक प्रभु श्री राम की जन्मस्थली और दूसरा राम जन्मभूमि विवाद, जो लम्बे अरसे से चला आ रहा है. हिन्दुओं की प्रमुख तीर्थस्थली के रूप में विख्यात अयोध्या आज भले ही देशभर में हिन्दू-मुस्लिम संप्रदाय को बाँट रहा हो, किन्तु यदि अयोध्या के ही किसी नुक्कड़, गली, मोहल्लें का रुख कर ले तो लोगों की आपसी एकता को देखकर शायद ही कह पाएंगे कि यह वही विवादित अयोध्या है, जहां राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर जंग छिड़ी है.
सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी सामंजस्य की ऐसी ही अनोखी
तस्वीर पेश करता है अयोध्या का चंद्रशेखर आजाद वार्ड, जहां जाकर आप गंगा-जमुनी
तहजीब की मिसाल को आज भी बदस्तूर कायम होते देख सकते हैं. चंद्रशेखर आजाद वार्ड
का...जो वर्ष 2017 से पहले फैजाबाद जिले के अंतर्गत आता था, लेकिन योगी सरकार के
प्रदेश में आने के बाद फैजाबाद और अयोध्या नगर पालिका को जोड़कर अयोध्या नगर निगम
का निर्माण किया गया, जिसमें तकरीबन तीन लाख की आबादी वाले 50 वार्ड को 60 नए
वार्ड में विभाजित का दिया गया. इस तरह कभी फैजाबाद नगर परिषद् के 29 वार्ड में से
एक चंद्रशेखर आजाद वार्ड भी अयोध्या नगर निगम का हिस्सा बन गया.
जुड़वाँ शहर अयोध्या और फैजाबाद की नगर पालिका बोर्ड को समाप्त कर प्रदेश सरकार ने अयोध्या नगर निगम की स्थापना करते हुए यहाँ बनाये गए नए वार्ड का नामकरण क्रांतिकारियों, ऐतिहासिक व्यक्तियों एवं धार्मिक-सांस्कृतिक स्थानों के नाम पर किया है. इसी तर्ज पर भारतीय स्वाधीनता के संघर्ष में अग्रणी रहे क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के नाम पर अयोध्या के वार्ड 57 का नामकरण किया गया. इस वार्ड में स्थानीय विकास की जिम्मेदारी का वहन समाजवादी पार्टी से मोहम्मद फरीद कुरैशी कर रहे हैं, जो वर्ष 2017 से इस वार्ड में पार्षद रहते हुए क्षेत्रीय विकास का दायित्त्व निभा रहे हैं.

मिली जुली जनसंख्या वाले इस इलाके का परिसीमन उत्तर में राज स्टूडियो से फतेहगंज राम जानकी मदिर तक, दक्षिण में जीआईसी दक्षिण गेट से फतेहगंज चौराहा तक, पूर्व में फतेहगंज चौराहा से फतेहगंज रामजानकी मन्दिर तक और पश्चिम में राज स्टूडियो से गेट ओवर ब्रिज होते हुए जीआईसी गेट तक विस्तृत है. इस वार्ड में आने वाले मोहल्लों में ऋषि टोला, कसाबबाड़ा, खिड़की अली बेग आंशिक, जीआईसी परिसर, फतेहगंज आंशिक आदि आते हैं.

(GIC, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज परिसर )
शिक्षा व्यवस्था के तौर पर इस वार्ड में प्राइमरी स्कूलों के साथ साथ राजकीय इंटर कॉलेज भी मौजूद है, जो शिक्षा सुविधा के लिहाज से वार्ड को ठीकठाक बनाता है. स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाये तो वार्ड में कोई बड़ा अस्पताल तो नहीं है, किन्तु पास ही रेनू स्मारक ऑर्थो एवं मेडिकल सेंटर है, जो जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराता है. इसके साथ ही वार्ड में सम्प्रद्यिक सद्भावना को प्रदर्शित करते हुए मंदिरों और मस्जिदों का तालमेल है, यहां राम जानकी मंदिर फतेहगंज, शीतला माता मंदिर, मस्जिद जीआईसी, वक्फ मस्जिद मुबारक अली जैसे धार्मिक केंद्र वार्ड की गंगा-जमुनी तहजीब को बयां करते हुए प्रतीत होते हैं.

बात यदि वार्ड की प्रमुख समस्याओं के बारे में की जाये तो स्थानीय
पार्षद मो. फरीद के अनुसार, उनके वार्ड के
पिछले जनप्रतिनिधि अज्ञानता के चलते क्षेत्र के मुद्दों को ऊपर तक नहीं पहुंचा पाए, जिससे वार्ड
पिछड़ता चला गया. वार्ड में पिछले 25 सालों से सीवर लाइन व वाटर लाइन की समुचित
व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके चलते उन्होंने पार्षद बनने के बाद सीवर
योजना एवं पेयजल लाइन व्यवस्था को लेकर प्रस्ताव दिया. वर्तमान में इन्हीं दो
समस्याओं से संबंधित कार्य पूरे करवाने के लिए वह संघर्षरत हैं.
References:
1. http://nagarnigamayodhya.in/pages/hi/topmenu-hi/hi-about-us/hi-ward-mohallas
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