Shivpur, Ward 22, (Varanasi)
Hiramanpur(Varanasi--221208)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
वाराणसी, जिसे भारत की धार्मिक राजधानी की संज्ञा दी गयी है. इससे पूर्व इसे बनारस के नाम से जाना जाता था. हिंदु धर्म में यह स्थान बेहद लोकप्रिय है. पवित्र नगरी वाराणसी में दो नदियों अथार्त वरुणा और असी का संगम होता है, यानि वह स्थान जहां ये दोनों नदियां आकर मिलती है. इसी पवित्र वरुणा नदी के किनारे बसा है, शिवपुर वार्ड. वाराणसी के वरुणापार जोन में स्थित शिवपुर मंडल के अंतर्गत आने वाला शिवपुर वार्ड तकरीबन 1,202 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है. मिली जुली आबादी वाले इस वार्ड में स्थानीय पार्षद के अनुसार लगभग 45,000 की आबादी का निवास स्थान है. इस वार्ड में आने वाले प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में महत नगर कॉलोनी, स्टेट बैंक कॉलोनी, तेज नगर कॉलोनी, अयोध्या धाम कॉलोनी, अयोध्या पुरी कॉलोनी, वीर नगर कॉलोनी, साईं धाम कॉलोनी, रमा शंकर कॉलोनी इत्यादि आते हैं.
इस वार्ड में पार्षद के तौर पर श्रीमती विजय श्री कार्यरत हैं, जो वर्ष 2017 से जनप्रतिनिधि के रूप में स्थानीय विकास कार्यों में संलग्न हैं और उनके पति रोहित मौर्या पार्षद प्रतिनिधि के रूप में उनके साथ खड़े हैं. वार्ड में अधिकतर आबादी व्यापारी वर्ग की है और मजदुर वर्ग भी अच्छी संख्या में हैं. शिवपुर बाज़ार यहां का काफी पुराना इलाका है, जिसमें सर्वाधिक व्यापारी वर्ग का ही प्रतिनिधित्व है. वार्ड में 70 प्रतिशत की आबादी स्थानीय ही है और 30 प्रतिशत की जनसंख्या बाहर से आकर बसी है.

पौराणिक महत्त्व रहा है शिवपुर वार्ड का
जिस तरह बनारस अपने आप में समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास रखती है, ठीक उसी तरह शिवपुर का महत्त्व भी काफी अधिक है. यहां वाराणसी का सबसे पुराना तालाब भी मौजूद है, जो लगभग आधा किलोमीटर के दायरे में विस्तृत है. व्यापारिक दृष्टिकोण से यह वार्ड काफी समृद्ध रहा है, पुराने समय में जब व्यापारी चौक जाया करते थे तो शिवपुर बाजार होते हुए ही आया जाया करते थे. साथ ही स्थानीय पार्षद के अनुसार 60 वर्ष पूर्व तक शिवपुर में सभी त्यौहारों को साम्प्रदायिक सद्भाव के साथ मनाया जाता था. आज भी शिवपुर की रामलीला बेहद प्रसिद्द है. यहां बहुत से पौराणिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व वाले स्थान यहां हैं, परन्तु बदलते समय के साथ प्रशासनिक लापरवाही और लोगों की अनदेखी के चलते यह सब जीर्णशीर्ण हो चुके हैं.

जनता की मौलिक सुविधाओं के लिहाज से देखा जाये तो यह वार्ड शिक्षा सुविधा के लिहाज से काफी समृद्ध है, यहां बालिकाओं के लिए एक तथा बालकों के लिए दो विद्यालय मौजूद हैं. साथ ही यहां बहुत से प्राइवेट विद्यालय जैसे सरस्वती विद्या मंदिर, राघव राम वर्मा गर्ल्स इंटर कॉलेज, महावीर पब्लिक स्कूल आदि स्थित हैं, जिनमें शिक्षा सुविधा काफी बेहतर है. शिवपुर वार्ड में प्राइमरी पाठशाला भी हैं, लेकिन इनमें अपेक्षाकृत उतनी सुविधाएं नहीं हैं, जितनी विद्यार्थियों के लिए होनी चाहिए. इसके साथ ही यहां बच्चों के लिए एक मिनी स्टेडियम भी है, जहां छात्र राष्ट्रीय स्तर के खेल खेलते हैं.

स्वास्थ्य सुविधाओं के रूप में देखा जाये तो यहां सरकारी अस्पताल बनकर तैयार है और वहां डॉक्टर भी बैठते हैं, लेकिन उसमें अभी इमरजेंसी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं. साथ ही यहां बच्चों और स्त्रियों के लिए भी नगर निगम का अस्पताल है, जिसमें प्रसूति आदि की सुविधाएं हैं. यदि कोई अधिक इमरजेंसी का केस होता है तो उसे वार्ड से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर दीन दयाल हॉस्पिटल में रेफर कर दिया जाता है.

शिवपुर में रेलवे स्टेशन भी स्थित है, परंतु उसके विकास के लिए कोई खास प्रयास नहीं किये जाने से अभी वहां स्थिति अधिक अच्छी नहीं है. पार्षद का कहना है कि उन्होंने इस स्टेशन के विकास के लिए प्रशसान को पत्र सौंपा है और निकट भविष्य में इसका विकास किया जायेगा.

Contributors
People moving this research forward. Reputation accrues to whoever moves each milestone.
Updates & discussions
Working on this issue?
Join as a member or expert, add a milestone, and be credited for the work. No money changes hands — the currency is your effort and analysis.
Join this research →