Ward 39 – Transport nagar (Kanpur)
Industrial Area(Lucknow-Lucknow-226009)BallotBoxIndia treats a district's development like a shared fund, and every socio-political innovator — leader, NGO, business, expert, journalist, activist — like a contributor whose impact we try to measure. The scores here are an experiment to tell apart what an innovator actually moved (नेता का हाथ · their real contribution) from what circumstance carried (हालात · the wave).
About this research
वार्ड 39, ट्रांसपोर्ट नगर कानपुर जिले के अंतर्गत आने वाला एक मिश्रित आबादी वाला परिक्षेत्र है. जिसमें पार्षद के तौर पर वर्ष 2017 से भारतीय जनता पार्टी से पार्षद मनोज कुमार राठौर कार्यरत हैं. पार्षद जी के अनुसार वार्ड में तकरीबन 26-30,000 की आबादी का रहवास है, जिसमें यदि ट्रांसपोर्ट नगर और आनंदपुरी क्षेत्र हटा दें तो, एससी/एसटी, ओबीसी वर्ग का आवास अधिक है.
वार्ड
के संरचनात्मक विस्तार की बात करें तो, यहां स्थित आनंदपुरी क्षेत्र कानपुर की
शीर्ष तीन कॉलोनियों में शामिल है, वहीँ यहां छोटी मलिन बस्तियां भी स्थित हैं.
जीविकापार्जन के तौर पर इस वार्ड में मजदूर वर्ग की बहुलता है, जनसंख्या का कुछ
हिस्सा कुटीर उद्योग जैसे ब्रश निर्माण, पैकिंग कार्य इत्यादि में भी संलग्न है.
कहा जा सकता है यहां 90 फीसदी के करीब आबादी कारखानों और ट्रांसपोर्ट वर्कर के रूप
में कार्यरत है. वहीं केडीए की कॉलोनियों में सर्विस क्लास जनता का भी आवास है.
ट्रांसपोर्ट
वार्ड में दो सरकारी विद्यालय है, जहां शिक्षा सुविधाओं का बेहद अभाव है, जिसके
चलते यहां नाममात्र की पढाई होती है और छात्रों को वार्ड के बहार शिक्षा ग्रहण
करने के लिए जाना पड़ता है. यदि स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की जाये, तो वार्ड के
सामने सरकारी अस्पताल मौजूद हैं, किन्तु उसमें अधिक सुविधाएं नहीं है.
अपने वार्ड की समस्याओं पर स्थानीय पार्षद का कहना है कि उनके वार्ड की
ज्यादातर सड़कें टूटी- फूटी व गड्ढायुक्त हैं. जिसमें ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कें
सबसे ज्यादा खस्ताहाल हैं,
किन्तु फंड के अभाव के चलते उन पर कार्य नहीं हो पा रहा है. इसके अलावा अवैध
कब्जे भी वार्ड की प्रमुख समस्या है. वहीं क्षेत्र के बीच में ही 3- 4 पान मसाले
की फैक्ट्रियां हैं, जिनसे तम्बाकू की गंध
आने के चलते पूरे क्षेत्र में प्रदूषण फैलता है. वहीं वार्ड में अब तक पुरानी सीवर
लाइनें ही पड़ी हुई हैं,
जो कि परेशानी का सबब हैं.
पार्षद जी के अनुसार, उनके वार्ड में पिछले 10 वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है. व्यवस्थाएं जस की तस हैं, जिन पर पिछले पार्षदों ने ध्यान ही नहीं दिया. वर्तमान में वह जनता के बीच में रहकर उनकी समस्याएं सुनकर धीरे- धीरे सभी मुद्दों पर कार्य करवाने का प्रयास कर रहे हैं.
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