Gulshan Ali Ansari
Sanwara(Ballia-Rasra-221721)नाम : गुलशन अली अंसारी पद : पार्षद प्रतिनिधि (कांग्रेस), कमलगढ़हा वार्ड 78 (वाराणसी) नवप्रवर्तक कोड : 71183885 परिचय मूल रूप से बुनकरी का कारोबार करने वाले गुलशन अली अंसारी एक स्थानीय सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में अपने क्षेत्र कमलगढ़हा,
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Affiliations
Parties and institutions Gulshan Ali Ansari is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Action research
Ward and district projects Gulshan Ali Ansari contributes to.
Contributions & updates
Articles, research and updates published by Gulshan Ali Ansari.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : गुलशन अली अंसारी
पद : पार्षद प्रतिनिधि (कांग्रेस), कमलगढ़हा वार्ड 78 (वाराणसी)
नवप्रवर्तक कोड : 71183885
परिचय
मूल रूप से बुनकरी का कारोबार करने वाले गुलशन अली अंसारी एक स्थानीय सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में अपने क्षेत्र कमलगढ़हा, वाराणसी में जाने जाते हैं. उनका निवास स्थान एवं कार्य क्षेत्र दोनों ही वाराणसी है. छात्र जीवन से ही राजनीति की ओर रुझान रखने वाले गुलशन अली अंसारी वर्ष 2012 में क्षेत्रीय पार्षद के तौर पर कार्यरत रहे और वर्तमान में उनकी पत्नी मलका नूर जहां इसी वार्ड से पार्षद हैं और कांग्रेस पार्टी के अंतर्गत कार्य कर रही हैं.

राजनीतिक पर्दापण
वर्ष 1989 से राजनीति का हिस्सा रहे गुलशन अली अंसारी ने औपचारिक रूप से चुनावों में भागीदारी वर्ष 2012 में पार्षदीय चुनावों से की. इससे पूर्व में वें जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहते थे, जिसके चलते स्थानीय जनता ने उन्हें राजनीति में सक्रिय भागीदारी करने के लिए समर्थन दिया.
सामाजिक अगुवाई
गुलशन जी के अनुसार उनका रुझान बचपन से ही समाज सेवा के क्षेत्र में रहा है, जिसके कारण उन्होंने स्थानीय निवासियों की छोटी-छोटी समस्याओं के लिए आगे बढ़कर कार्य करना आरम्भ किया. राशन कार्ड, प्रमाण पत्र, पेंशन कार्ड इत्यादि बनवाने से लेकर सड़कों, बिजली, पेयजल आदि ढांचागत समस्याओं की दिशा में भी गुलशन जी जनता के साथ खड़े रहे हैं. उनके इसी सेवा भाव के चलते जनता ने भी उन्हें अपने जन-प्रतिनिधि के रूप में चुना.

प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें
कमलगढ़हा से पार्षद गुलशन अली अंसारी का कहना है कि उनके वार्ड में सीवर की समस्या बहुत अधिक है. उनके अनुसार यहां सीवर व्यवस्था लगभग 40-50 साल पुरानी है, जो आज की आबादी के हिसाब से जर्जर हो चुकी है. वर्तमान में निगम लगातार धन की कमी का हवाला देता रहता है, साथ ही सफाई कर्मचारियों का भी बेहद अभाव है.
गुलशन अली अंसारी के अनुसार पूर्व में सरकार से जो अनुदान आता था, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उसकी व्यवस्था नहीं है. अब केवल कागजों पर कारवाई होती है, जबकि वास्तविक समस्या पर कोई कदम नहीं उठाया जाता, जिसके चलते वार्ड में सीवर समस्या जस की तस है.

संपन्न विकास कार्य
अपने पिछले पार्षदीय कार्यकाल के दौरान गुलशन अली अंसारी ने अपने प्रयासों से जर्जर हालत में पड़ी सड़कों व गलियों का निर्माण कार्य करवाया. साथ ही पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए एक टयूबवेल भी वार्ड में लगवाया. उन्होंने वार्ड में दो स्थानों पर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था भी करवाई. इसके अतिरिक्त वार्ड की तकरीबन 70-80 प्रतिशत गलियों में इंटरलॉकिंग का कार्य भी वह करवा चुके हैं. इसके साथ ही वार्ड में पर्यावरण संरक्षण के लिए भी वह पौधारोपण आदि से जुड़े कार्य करते रहते हैं.

फिलहाल पार्षद प्रतिनिधि के रूप
में उन्होंने कुछ स्थानों पर गलियों में इंटरलॉकिंग का कार्य करवाया है, साथ ही
विकास कार्यों से जुड़ी चार फाइल वह निगम को भेज चुके हैं.
राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारधारा
गुलशन अली अंसारी आर्थिक अव्यवस्था को देश का सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं. वें बनारस के बुनकरों का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि पहले से ही बनारस में बुनकर वर्ग पॉवरलूम के आ जाने से मंदी का सामना कर रहा था, जिसमें मौजूदा सरकार ने जीएसटी आदि लगाकर और मुश्किलें पैदा कर दी हैं. गुलशन जी का मानना है कि बनारस में बुनकर वर्ग अधिक शिक्षित नहीं हैं और उनकी आजीविका का आधार मात्र उनका यह कारोबार ही है, जिसमें भी अत्याधिक समस्याएं खड़ी कर दी गयी हैं.

साथ ही गुलशन अली अंसारी के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ भी बुनकरों तक नहीं पहुंच पा रहा है, यदि देश को सांस्कृतिक रूप से गौरव प्रदान करने वाला वर्ग ही विकसित नहीं हो पायेगा तो देश कैसे प्रगति कर सकता है.
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