नाम- जय जय राम प्रजापति (एडवोकेट)
पद- पूर्व सहसंयोजक (विधि प्रकोष्ठ, भाजपा), जिला उपाध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा (भाजपा), आजमगढ़
नवप्रर्वतक कोड- 71188286
उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ क्षेत्र से एक लोकप्रिय जन नेता के तौर पर सक्रिय जय जय राम प्रजापति गरीबों व वंचित वर्ग के विकास की मुहिम चलाए हुए हैं। उन्होंने अपने कुशल व्यवहार और काबिलियत से क्षेत्र के लोगों के बीच आज एक चहेते नेता और निष्ठावान समाज सेवक का मुकाम हासिल किया है। आइए करीब से जानते हैं इस जन नेता के जीवन, समाज सेवा के प्रति उनके जज्बे और उनके राजनीति सफर को..
परिचय-
जय जय राम प्रजापति विगत 22 वर्षों से राजनीतिक सेवा क्षेत्र से जुड़े हैं, छात्र जीवन में ही उन्होंने समाज के प्रति संकल्पित होकर सेवा करने का जो प्रण लिया था, उस पर वह आज भी उसी दृढ़ इच्छा के साथ अडिग हैं और भाजपा के बैनर तले अपने विकास अभियानों को जारी रखे हुए हैं। पेशे से अधिवक्ता के रूप में हाशिये पर खड़े हर वर्ग को न्याय दिलाने में हाथ बढ़ाने के साथ साथ जय जय राम प्रजापति वर्तमान में भाजपा के पिछड़ा मोर्चा से जिला उपाध्यक्ष का कार्यभार कुशलतापूर्वक संभाले हुए हैं।
राजनीतिक शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद जय जय राम प्रजापति ने एलएलबी की मानद डिग्री प्राप्त की। इसके उपरांत 1998 से ही उन्होंने आजमगढ़ सिविल कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। उन्होंने छात्र जीवन में ही अनुभव कर लिया था कि आज राजनीति में शिक्षित लोगों की कमी है और इसी लिए उन्होंने राजनीति में आने को अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।
राजनीतिक जीवन का आगाज -
वर्ष 1991 से ही जय जय राम प्रजापति राजनीतिक तौर पर सक्रिय हैं, छात्र जीवन से ही उनका रुझान राजनीति और समाज सेवा क्षेत्र की ओर रहा है, इसी के चलते उन्होंने राजनीति के माध्यम से समाज का प्रतिनिधित्व करने का निर्णय लिया।
2009 में सदर लोकसभा से चुनावों में जय जय राम प्रजापति खड़े हुए और इसके उपरांत 2017 में उन्होंने विधानसभा चुनावों में शिरकत की। इसके बाद मोदी-योगी जी की प्रेरणा से उन्होंने 2019 में भाजपा की सक्रिय सदस्यता ली। भाजपा में आजमगढ़ से सहसंयोजक (विधि प्रकोष्ठ) पद पर सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वह भाजपा से पिछड़ा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष का पदभार संभालें हुए हैं। इसके अतिरिक्त जय जय राम प्रजापति "जागरूक महासंघ" के संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में निर्बाध जनसेवा से जुड़कर कार्य कर रहे हैं।
प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दे –
आजमगढ़ में पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के हालात अच्छे नहीं हैं। यहां जनता के सामने बहुत सी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिसके लिए जय जय राम प्रजापति भविष्य में योजनाबद्ध रूप से विकासरूपी प्रयासों की एक शृंखला शुरू करना चाहते हैं।
जनता की मूलभूत समस्याओं को प्रमुख मानते हुए जय जय राम प्रजापति का कहना है कि यह समय की मांग है कि जनता की मौलिक समस्याओं पर काम प्राथमिकता से होना चाहिए। यदि इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक है, तो सभी कुछ अपने आप ठीक हो जाता है। किसी भी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ होनी चाहिए।
राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार -
जय जय राम प्रजापति के अनुसार इस समय देश में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है, इसके चलते समाज और राष्ट्र पर कुप्रभाव पड़ता है। हालांकि बीजेपी सरकार के आने के बाद से देश में काफी बदलाव हुआ है, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना और सरकारी योजनाओं का लाभ जनजन तक ले जाना जय जय राम प्रजापति के भावी विज़न का हिस्सा है।
इसके अतिरिक्त देश को आगे ले जाने के क्रम में मिलजुल कर देश को मजबूत बनाने के लिए सभी के योगदान को जय जय राम प्रजापति जरूरी मानते हैं। जिसके लिए वह जनजागरण की सार्थक मुहिम चला कर सभी को शिक्षित कर एक नए समतापूर्ण भारत के निर्माण के पक्षधर हैं।
वहीं सहज और सर्वसुलभ शिक्षा को भी जय जय राम प्रजापति बेहद आवश्यक मानते हैं। उनका कहना है कि शिक्षा सभी के लिए अनिवार्य और एक समान होनी चाहिए। उनका कहना है कि,
"देश में यदि निर्धनों एवं आदिवासी तबके के लोगों को भी एक समान और सर्वसुलभ शिक्षा का अवसर मिलेगा, तो भविष्य में माननीय राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के समान और भी लोगों को राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने का मौका मिलेगा।"
वैश्विक परिदृश्य पर विचार -
जय जय राम प्रजापति का मानना है कि वर्तमान के वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए भारत को शिक्षा की ओर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। अंतिम कतार में खड़े हर एक व्यक्ति तक शिक्षा और सभी सुविधाएं पहुंच सकें, ऐसी व्यवस्था कर हम देश को वैश्विक रूप से एक नई पहचान दिला सकते हैं। साथ ही देश की सुरक्षा और अखंडता को मजबूत करने के लिए सभी को राष्ट्रहित में आगे बढ़कर प्रयास करने की आवश्यकता है।