Manoj Kumar Pandey
Sarvodaya Nagar(Kanpur Nagar--208005)नाम : मनोज कुमार पाण्डेय पद : पार्षद (निर्दलीय) वार्ड-75, सुथरगंज, कानपुर नवप्रवर्तक कोड : 71183718 परिचय मनोज कुमार पाण्डेय एक अनुभवी नेता हैं, जो कि कानपुर के वार्ड- 75 सुथरगंज से निर्दलीय पार्षद के रूप में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं. मनोज जी कई
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Action research
Ward and district projects Manoj Kumar Pandey contributes to.
Contributions & updates
Articles, research and updates published by Manoj Kumar Pandey.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : मनोज कुमार पाण्डेय
पद : पार्षद (निर्दलीय) वार्ड-75, सुथरगंज, कानपुर
नवप्रवर्तक कोड : 71183718
परिचय
मनोज कुमार पाण्डेय एक अनुभवी नेता हैं, जो कि कानपुर के वार्ड- 75 सुथरगंज से निर्दलीय पार्षद के रूप में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं. मनोज जी कई वर्षों से समाज सेवा व राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय हैं, जिसके चलते स्थानीय मुद्दों पर उन्हें बेहतर समझ है. उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीति से जुड़ी रही है तथा उनके पिता भी निकाय चुनाव लड़ चुके हैं. अतः मनोज जी के अनुसार, समाज से जुड़े रहने का स्वभाव व जनसेवा की भावना उन्हें विरासत में मिली है. जिसके साथ आगे बढ़ते हुए वह लगातार समाज के लिए कुछ बेहतर करने के लिए प्रयासरत रहते हैं.

राजनीतिक पदार्पण -
बचपन से ही जनसेवा की भावना को लेकर कार्यरत रहे मनोज जी करीब 17-18 वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं. अपने राजनीतिक सफ़र की शुरूआत में वह समाजवादी पार्टी से जुड़े थे तथा 4 साल सपा में बतौर नगर सचिव के पद पर रहकर भी कार्य किया किन्तु निकाय चुनावों के दौरान पार्टी से टिकट न मिलने पर वह काफी निराश हुए. इसके बाद 2017 में उन्होंने न सिर्फ निर्दलीय ही पार्षदी का चुनाव लड़ने का फैसला किया, बल्कि उस चुनाव में जीत भी दर्ज की. वर्तमान में मनोज जी किसी राजनीतिक पार्टी के संपर्क में नहीं हैं.

प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दें -
क्षेत्रीय मुद्दों पर मनोज जी का मानना है कि हर वार्ड की मूलभूत समस्याएं होती हैं सड़क, बिजली व पानी, जिनके लिए वह लगातार कार्य कर रहे हैं. किन्तु क्षेत्र में कई लोगों ने अपने घर के बाहर बड़े- बड़े चबूतरे बनवा कर रखे हैं, जिससे सड़क व नालियों के निर्माण में बाधा आती है. वहीं पर्याप्त बजट के अभाव व दलाली के चलते भी सुव्यवस्थित रूप से वार्ड का विकास कार्य संपन्न नहीं हो पा रहा है.

अहम चुनौतियां -
मनोज जी के अनुसार, तमाम क्षेत्रीय मुद्दों से निपटने के लिए पार्षदों को कई स्थानीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिसके अंतर्गत प्रमुख चुनौती यह है कि बाहर की कंपनियों को क्षेत्र के विकास कार्य का ठेका दे दिया जाता है, जिन्हें स्थानीय मानचित्र की भी जानकारी नहीं होती. इस व्यवस्था से विकास कार्य तो प्रभावित होते ही हैं, तथा कई बार तो बस खानापूर्ति कर दी जाती है, जो कि सीधे तौर पर जनता के पैसों की बर्बादी है. इन चुनौतियों से निपटना काफी कठिन है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की कंपनियां स्थानीय नेताओं ( पार्षदों) की बातों को पूर्णतया नज़रअंदाज करते हुए मनमाने तरीके से काम करती हैं.

राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार -
राष्ट्रीय मुद्दों पर मनोज जी का मानना है कि एक मजबूत राष्ट्र की नींव तभी रखी जा सकती है जब देश के स्थानीय क्षेत्र यानि हर एक वार्ड, ब्लॉक व जिला विकसित होंगे. किन्तु स्थानीय क्षेत्रों में विकास कार्यों व डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का ठेका ऐसी बड़ी- बड़ी कंपनियों को दे दिया जाता है, जिन्हें उस क्षेत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं होती. इससे प्रत्यक्ष रूप से काम की गुणवत्ता में कमी आती है. अतः सरकार व प्रशासन को स्थानीय क्षेत्रों के प्रोजेक्ट्स स्थानीय कंपनी को ही देने चाहिए, तभी उन क्षेत्रों का बेहतर तरीके के विकास होगा तथा देश में एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा सकेगा.

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