Parvesh Katiyar
Burhadana(Auraiya-Auraiya-206122)नाम : परवेश कटियार पद : जिला संयोजक युवा मोर्चा (भाजपा) कानपुर देहातनवप्रवर्तक कोड : 71183118परिचय : परवेश कटियार जी कानपुर देहात से भाजपा के युवा मोर्चा जिला संयोजक के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने केशव नगर, कानपुर के शिवाजी इंटर कॉलेज से प्राथमिक श
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Affiliations
Parties and institutions Parvesh Katiyar is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : परवेश कटियार
पद : जिला संयोजक युवा मोर्चा (भाजपा) कानपुर देहात
नवप्रवर्तक कोड : 71183118
परिचय :
परवेश कटियार जी कानपुर देहात से भाजपा के युवा मोर्चा जिला संयोजक के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने केशव नगर, कानपुर के शिवाजी इंटर कॉलेज से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के उपरांत कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. युवावस्था से ही उनके मन में समाज के प्रति कल्याणकारी कार्य करने की इच्छा थी, उन्होंने समाज में विद्यमान असमानताओं को बेहद करीब से देखा है. अपने पिताजी को अथक परिश्रम करने पर भी केवल 200 रूपये दिहाड़ी मिलते देख इनका मन बेहद दुखी होता था, जबकि उन्होंने शहरों में थोड़े परिश्रम से भी लोगों को अच्छी जीविका प्राप्त करते देखा. इन सभी परिस्थितिओं ने उन्हें समाज के लिए कुछ बेहतर करने की ओर प्रोत्साहित किया.

राजनीति में पदार्पण :
परवेश जी देहात की समस्याओं को देखकर बड़े हुए हैं, उन्होंने महसूस किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य आदि से जुड़ी समस्याएं काफी अधिक है. इसी कारण उन्होंने राजनीति में आने का मन बनाया, वे सत्ता का सुख भोगने की अभिलाषा नहीं रखते, अपितु देहात क्षेत्रों की मुलभूत समस्याओं को समाप्त होते देखना चाहते हैं. उनका मानना है कि राजनीति समाज के लिए बेहतर करने का और अपनी आवाज़ सरकारी आला अफसरों तक पहुँचाने का एक बेहतरीन मंच है.

उन्होंने जिला पंचायत का चुनाव भी इसी कारण से लड़ा था और भरी मतों से जीत भी हसिल की, परन्तु उस समय क्षेत्र में समाजवादी सरकार के चलते वें जीत का प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर पाए. तथाकथित जिला प्रभारी ने विजय प्रमाण पत्र समाजवादी पार्टी को थमा दिया, जिसके चलते परवेश जी को जीत कर भी हारना पड़ा. इसके पश्चात भाजपा सरकार द्वारा उन्हें युवा मोर्चा के जिला संयोजक के रूप में मनोनीत किया, जिसके उपरांत से वे निरंतर समाज के लिए कार्य कर रहे हैं.

विकास कार्यों में अग्रणी :
युवा मोर्चा जिला संयोजक के रूप में परवेश जी विकास कार्यों की दिशा में बहुत से अभियान चला रहे हैं. उन्होंने युवा वर्ग को जागरूक करने एवं ग्राम स्वराज अभियान के तहत दर्जन भर युवा सम्मेलन तथा अन्य कई आयोजन कराए, जिनमें सिकंदरा में कराए गये युवा सम्मेलन में लगभग 15,000 की तादाद में जनता ने भागीदारी दर्ज करायी. आजीविका एवं कौशल विकास मेलों के जरिये युवाओं को रोजगारपरक बनाना परवेश जी का स्वप्न है, जिसकी दिशा में वे लगातार आगे बढ़कर जिले में कार्य कर रहे हैं. इन अभियानों के जरिये परवेश जी खेल उत्सव, कला संगम, शोभा यात्रा, महापुरुषों की जयंती आदि सांस्कृतिक व समाज हित के कार्यों का आयोजन करते रहते हैं.

इसके अतिरिक्त नोटबंदी के समय उन्होंने अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जिले की तकरीबन 50 शाखाओं में लाइन में खड़ी जनता के लिए पेयजल एवं नाश्ते का प्रबंध कराया. साथ ही बैंक ऑफ बरोदा में एक लाख फुटकर रूपये अपने पास से जमा कराए, जिससे जनता को फुटकर रुपयों की समस्या ना झेलनी पड़े.
राष्ट्रवादी विचारधारा :
अपने देश के प्रति परवेश जी उदारवादी विचार रखते हैं. वे चाहते हैं कि भारत से अशिक्षा का कलंक दूर हो, जिसके कारण वर्तमान में बेरोजगारी, गरीबी, बढ़ती जनसंख्या, कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्याओं को बढ़ावा मिल रहा है. इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होना आवश्यक है, क्योंकि भारत वस्तुतः ग्राम प्रधान देश है.

परवेश जी का मानना है कि भारत में जातिवाद, धर्मवाद, क्षेत्रवाद जैसी व्यापक कुरीतियां भी समाप्त होनी चाहिए, इनसे देश की एकजुटता में बिखराव उत्पन्न होता है, जो देश के विकास के लिए घातक है.
वैश्विक परिद्रश्य में भारत :
वैश्विक पटल पर भारत की अस्मिता को बचाए रखने को परवेश जी
सबसे अहम मुद्दा मानते हैं. उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर की समस्या पर सरकार को
उचित कार्यवाही करने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे देश की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव
पड़ रहा है. वर्तमान में देश को टुकड़ों में बाँटने के स्थान पर यह समझने की आवश्यकता
है कि हम सबसे पहले भारतीय हैं और हमे मिलकर अपने देश का नाम ऊंचा करना है, जिससे
विश्व में भारत की गूंज हो सके.
परवेश जी का कथन है कि आज प्रकृति के संरक्षण की समस्या भी सम्पूर्ण विश्व के सामने खड़ी है, व्यक्ति ने अपने क्षणिक सुख के लिए पहाड़ों, जंगलों और नदियों के साथ बर्बरता की है, जो यदि समय रहते नहीं रोकी गयी तो विश्व के सामने काफी बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी. वें चाहते हैं कि भारत प्रकृति के संरक्षण में पहल करे और विश्व के सम्मुख उदाहरण उपस्थित करे.

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