Vikash Singh
Bhabua(Kaimur-Bhabua-821101)नाम : विकास सिंह पद : जिला परिषद सदस्य, युवा नेता (बसपा) भभुआ विधानसभा, कैमूर (बिहार) नवप्रवर्तक कोड : 71185654वेबसाईट - Vikashsingh.in परिचय - एक साधारण से किसान परिवार से आने वाले विकास सिंह कैमूर लोकसभा के भभुआ विधानसभा क्षेत्र का एक
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Articles, research and updates published by Vikash Singh.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम : विकास सिंह
पद : जिला परिषद सदस्य, युवा नेता (बसपा) भभुआ विधानसभा, कैमूर (बिहार)
नवप्रवर्तक कोड : 71185654
वेबसाईट - Vikashsingh.in
परिचय -
एक साधारण से किसान परिवार से आने वाले विकास सिंह कैमूर लोकसभा के भभुआ विधानसभा क्षेत्र का एक जाना पहचाना युवा नेतृत्व है, जिन्होंने अपने जुझारूपन और संघर्ष के बलबूते समाज में अपनी पहचान कायम की। वह दो बार भभुआ विधानसभा से निर्दलीय चुनावों मे भागीदारी कर चुके हैं और कुछ मुख्य पार्टियों का नाम हटा दें तो एक निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्हें भरपूर जनसमर्थन भी मिला है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में उन्होंने बसपा को अपना समर्थन दिया है और इसी पार्टी से विधायक प्रत्याशी के रूप में वह भभुआ की राजनीति और समाज में परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में वह जिला परिषद भभुआ से सदस्य नामित हुए हैं और इस पद पर रहकर क्षेत्रीय जनता के विकास में सहयोग कर रहे हैं।
विकास सिंह ने कैमूर को विकास के पथ पर बढ़ाने हेतु निरंतर सहयोग दिया है और वर्तमान में भी उनके प्रयासों की गति लगातार जारी है। वर्ष 2021 में उनकी कार्य कुशलता के आधार पर उन्हें कैमूर शिक्षा विभाग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही संगठन के प्रति उनके संघर्ष को देखते हुए बिहार प्रदेश से बसपा प्रदेश महासचिव का पद भी सौंपा गया है। विकास सिंह अपनी प्रत्येक जिम्मेदारी और दायित्व को पूरा करते हुए आगे बढ़ रहे हैं और भभुआ की जनता से किए गए वायदों को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं।
राजनीति में आगमन और भावी विज़न -
विकास सिंह भी पहले अपने क्षेत्र के एक आम युवा ही थे, जो चुनावों के समय आने वाले प्रत्याशियों से मिलकर उन्हें अपनी स्थानीय समस्याएँ सुलझाने के लिए कहा करते थे लेकिन बाद में उन्होंने महसूस किया कि चुनावों के दौरान तो सभी नेता जी यहां नजर आते हैं पर जीत मिलने के बाद पांच वर्ष तक कोई क्षेत्र में झांकता भी नहीं है। हालांकि विकास सिंह की न तो कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि रही और न ही राजनीति से उनका कोई सरोकार था, किंतु जब उन्होंने अपने आस पास आमजन की तकलीफें देखी तो समाज के लिए संघर्ष करना शुरू कर दिया।

उन्होंने पिछले दस सालों में किसानों, छात्रों, युवाओं, निर्धनों से जुड़ें अनेकों मुद्दों पर लड़ाई लड़ीं और जिला प्रशासन के सामने धरना-प्रदर्शन भी किए। इसी दौरान जनता ने उन्हें राजनीति से जुडने की सलाह दी और अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका भी दिया, जिसके चलते उन्होंने पांच वर्ष पहले राजनीति का दामन थामा। पहले युवाओं के साथ मिलकर निर्दलीय चुनावों में भागीदारी की और इस बार बसपा के साथ जुड़कर चुनावों में उतरने का निर्णय लिया।

वर्तमान में वह महापुरुषों के बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए आगे बढ़ रहे हैं और वह स्थानीय लोगों के साथ उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं, फिर चाहे चुनावी माहौल हो या नहीं। विकास सिंह का मानना है कि हालांकि बिहार में जातिवाद की राजनीति चरम पर है, फिर भी वह युवा शक्ति और अपने आत्मविश्वास के आधार पर निरंतर चलायमान हैं।

राजनीतिक संघर्ष -
विकास सिंह बताते हैं कि वह लंबे समय से गरीबों, शोषितों और वंचितों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन जब राजनीति में उन्होंने औपचारिक रूप से प्रवेश किया और अपेक्षाकृत बेहतर परिणाम उन्हें मिला तो कुछ नेताओं को लगा कि उनका जनाधार कम हो रहा है और एक साधारण से परिवार का युवा समाज में काफी आगे जा रहा है तो ऐसे में उन्होंने विकास सिंह पर बहुत से झूठे आरोप लगाए, यहां तक कि उन्हें फर्जी मुकदमों के अंतर्गत जेल तक में डलवा दिया।

विकास सिंह कहते हैं कि जब आप सच की लड़ाई लड़ते हैं तो लोग आपके मार्ग की बाधा जरूर बनेंगे लेकिन यदि आपको देश के कानून और संविधान पर विश्वास है तो कोई आपका बुरा नहीं कर सकता। ऐसा ही उनके साथ भी हुआ और वह हर आरोप से पाक साफ निकलें।
किसानों और युवाओं के विकास का विज़न -
स्वयं एक किसान परिवार से आए विकास सिंह का कहना है कि कैमूर को बिहार का "धान का कटोरा" कहा जाता है और कईं किस्मों के धान यहां उगाए जाते हैं जो यहां की विशेषता भी है। कैमूर में हालांकि धान की पैदावार सबसे अधिक है लेकिन फिर भी यहां के किसानों की हालत बदहाल है। वें कर्ज में डूबे हुए हैं, उनके पास कृषि संबंधी सुविधाएं नहीं हैं और मजबूरन उन्हें अपना धान औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है या फिर धान रखे रखे सड़ जाता है।

विकास सिंह ने बहुत बार जिला प्रशासन के कानों तक किसानों की समस्याएं पहुंचाने के लिए धरना प्रदर्शन किए हैं, यहां तक कि उन्होंने एक अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार उजागर करवाकर उसे निलंबित भी करवाया। भविष्य में भी वह किसानों के हित के लिए बहुत से कार्य करना चाहते हैं।
इसके अतिरिक्त युवाओं के लिए भी वह बहुत सी कल्याणकारी योजनाओं पर काम करना चाहते हैं। उनके अनुसार वह 20 वर्ष की आयु से बहुत से मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं इसलिए युवाओं की तकलीफों को उन्होंने अनुभव किया है। इसी के चलते वह शिक्षा और रोजगार से जुड़ी युवाओं की समस्याओं को सदन तक लेकर जाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि उचित रोजगार के अभाव में युवा अपराध की राह पर निकाल जाते हैं, इसलिए वह सरकार के कानों तक अपनी बात पहुंचाना चाहते है और युवाओं को एक बार फिर से समाज की मुख्यधारा में लेकर आने के विज़न रखते हैं।
क्षेत्रीय समस्याएँ -
कैमूर जिले से जुड़ें स्थानीय मुद्दों पर विकास सिंह का कहना है कि वर्तमान में लोग खबरों में अक्सर सुनते होंगे कि बिहार में हर गांव को मुख्य सड़क से जोड़ दिया गया है लेकिन वास्तव में आज भी कैमूर जिले के ऐसे अनगिनत गांव हैं जो आज भी बारिश के समय सड़कों से बिल्कुल कट जाते हैं।
इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से बयान दिया जाता है कि यदि ट्रांसफार्मर जल जाए तो उसे 24 घंटे में बदलने का प्रावधान है लेकिन धरातलीय सच्चाई यह ही कि कैमूर के गांवों में यदि ट्रांसफार्मर एक बार जल जाए तो लोगों को हफ्तों या महीनों बिजली का इंतजार करना पड़ता है।
सड़क और बिजली की समस्याओं के साथ साथ विकास सिंह पेयजल समस्या को भी कैमूर की बड़ी परेशानी मानते हैं, उनका कहना है कि सरकार द्वारा "नलजल योजना" लाई गई है, जिसमें यहां बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है और आज भी कैमूर के पहाड़ी इलाकों में बसे गांव गर्मियों में प्यासे रह जाते हैं।

इसके अतिरिक्त हाल ही में जारी चुनावी जनसंपर्क के दौरान उन्होंने जाना कि कैसे शिक्षा व्यवस्था के नाम पर भी यहां ग्रामों में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उनके लिए आने वाले आहार में भी यहां घोटाला कर लिया जाता है। साथ ही विकास सिंह बताते हैं कि कोरोना महामारी जैसे मुश्किल समय में भी कैमूर के ग्रामों में भ्रष्टाचार जारी है, जरुरतमन्द जनता के लिए आए राशन को भी कोटेदार देने में आना कानी करते हैं और जांच के बावजूद उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

विकास सिंह कहते हैं कि इन सभी मुद्दों, भ्रष्टाचार और अफसरशाही हो लेकर वह कोरोना कम होने के बाद बड़े आंदोलन के जरिए लोगों के सामने लाएंगे।
राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-
देश में पसरे विभिन्न मुद्दों पर विकास सिंह का कहना है कि वर्तमान में जीडीपी तेजी से गिर रही है, युवा वर्ग बेरोगार है और निजीकरण चरम पर है, ऐसे में देश की प्रगति नहीं हो पाएगी। इन सब समस्याओं को खत्म करने के लिए वह अपने राजनीतिक कदमों को आगे बढ़ाए हुए हैं और युवाओं के साथ मिलकर समाज और राष्ट्र को बुलंदियों पर ले जाने के क्रम में प्रयास कर रहे हैं।

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