Mukesh Singh Monti
Sunderbagh(Lucknow-Lucknow-226018)नाम - मुकेश सिंह "मोंटी" पद – पार्षद (भाजपा), मौलवीगंज, वार्ड-99, लखनऊ नवप्रवर्तक कोड – 71183546वेबसाइट - http://mukeshsinghmonty.com/परिचय – युवा और योग्य पार्षद की छवि के साथ आगे बढ़ रहे मुकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी के एक उभरते हुए राजनेता हैं. वह
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Affiliations
Parties and institutions Mukesh Singh Monti is linked to. Estimated from public activity.
Political parties
Action research
Ward and district projects Mukesh Singh Monti contributes to.
Contributions & updates
Articles, research and updates published by Mukesh Singh Monti.
Biography & background — self/editorially authored, may be outdated
नाम - मुकेश सिंह "मोंटी"
पद – पार्षद (भाजपा), मौलवीगंज, वार्ड-99, लखनऊ
नवप्रवर्तक कोड – 71183546
वेबसाइट - http://mukeshsinghmonty.com/
परिचय –
युवा और योग्य पार्षद की छवि के साथ आगे बढ़ रहे मुकेश सिंह भारतीय जनता पार्टी के एक उभरते हुए राजनेता हैं. वह लखनऊ के रहने वाले हैं, किन्तु उनका पैतृक निवास बाराबंकी में है. वह लखनऊ के मौलवीगंज, वार्ड- 99 से भाजपा पार्षद हैं. मुकेश सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा- दीक्षा पूर्ण की है तथा उन्होंने समाज- शास्त्र से एम.ए. किया है. वह शुरू से ही समाज सेवा की भावना से ओत- प्रोत थे तथा वह अपने दोस्तों के सहयोग से समाज के कार्यों व लोगों की सहायता हेतु हमेशा से ही अपना योगदान देने के लिए तत्पर रहते थे.

राजनीतिक पदार्पण –
मुकेश सिंह के अनुसार, राजनीति में आना कभी उनका लक्ष्य नहीं था, किन्तु जब भी समाज की कोई समस्या उनके सामने आती, तो वह उसे देख कर कुंठित होते. कई मुद्दे ऐसे होते जिनका समाधान बिना प्रशासनिक या राजनैतिक सहयोग के संभव नहीं हो सकता था. इसी कारण जब उन्हें राजनीति में आना आवश्यक प्रतीत हुआ तो उन्होंने अपने मित्रों के सहयोग और क्षेत्र के लोगों के समर्थन के चलते चुनाव लड़ने का फैसला लिया तथा वह इसमें विजयी भी रहे.

वहीं मुकेश सिंह का मानना है कि प्रत्येक नेता का अपना निजी व्यवसाय होना चाहिए ताकि वह अपने पद से पैसा बनाने की कोशिश न करें. इसी कारण वह राजनीति के अलावा अपना पृथक लहसुन का व्यवसाय भी संभालते हैं.

प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दे –
पार्षद चुने जाने के बाद से ही अपने वार्ड को चमकाने में लगे मुकेश सिंह के अनुसार उनके क्षेत्र में ऐसे कई मुद्दे हैं, जिन पर पूर्व के नेताओं ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया. उनके वार्ड में सफाई की स्थिति काफी दयनीय थी तथा उन्होंने पार्षद चुने जाने के बाद वार्ड में पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कराई. मुकेश सिंह के अनुसार वार्ड में स्वच्छता से संबंधित 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है तथा शेष 30 प्रतिशत पर काम चल रहा है.

वहीं मौलविगंज वार्ड में गौसनगर स्थित एक नाला है, जिसमें अक्सर पानी भर जाने के कारण वार्ड की अधिकांश जनसंख्या प्रभावित होती थी. उन्होंने उस पर काफी कार्य करवाया तथा शीघ्र ही प्रशासन के सहयोग से उसे पूरी तरह ढकवाने का कार्य भी पूरा करवाया जायेगा. इसके अलावा उन्होंने अपने क्षेत्र में वर्षों से अधूरी पड़ी कई सड़कों का निर्माण करवाया. साथ ही मुकेश सिंह ने स्थानीय मंत्री से निवेदन कर वार्ड में एक फायर स्टेशन बनवाने का कार्य भी किया, जिसे मंत्री जी ने अपनी निधि से पूर्ण करवाया है.

राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार –
जनसंख्या को भारत का सबसे बड़ा मुद्दा मानने वाले मुकेश सिंह का कहना है कि बढ़ती जनसंख्या हर क्षेत्र को प्रभावित करती है. अतः अब समय आ गया है कि सरकार इस दिशा में कोई कठोर कानून बनाए. वहीं आज भी लोग सरकारी स्कूलों में सुविधाओं व शिक्षा के उच्च स्तर के अभाव के चलते प्राइवेट विद्यालयों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं. इसलिए सरकार को प्राथमिक विद्यालयों पर ग्राउंड लेवल से कार्य करने की आवश्यकता है.

इसके अलावा वह कृषि भी देश का एक अहम मुद्दा मानते हैं. कृषि क्षेत्र में समस्याओं के चलते ज्यादातर किसान आज कृषि कार्य से पलायन कर रहे हैं. सरकार को उन्हें उन्नत कृषि का ओर अग्रसर करने व कृषि समर्थन मूल्य बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए. साथ ही देश के प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर स्वच्छता पर ध्यान देना होगा तथा इस दिशा में सरकार का पूरा सहयोग करना होगा, क्योंकि तभी हम एक स्वच्छ भारत के सपने को साकार कर सकेंगे.

वैश्विक परिदृश्य पर विचार –
मुकेश सिंह के अनुसार, जब भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, उस समय वह विश्वभर में 26 प्रतिशत निर्यात करता था. किन्तु आजादी के बाद यह प्रतिशत घटकर महज 2 प्रतिशत तक पहुंच गया. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को शीर्ष पर ले जाने के लिए हमें निर्यात को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है, जिसके चलते हमें ‘मेक इन इंडिया’ जैसी स्कीम्स को अधिक से अधिक बढ़ावा देना चाहिए. इसके अलावा देश के प्रत्येक नागरिक को स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर जोर देना चाहिए तथा भारत को अपने हथियार विदेश से खरीदने के बजाय उन्हें देश में ही निर्मित करने की दिशा में विचार करना चाहिए.

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